मुख्य सामग्री पर जाएं

Monday, 2 November 2026

Home / क्राइम /

युवाओं की नसों में जहर घोलकर चार धाम और...

युवाओं की नसों में जहर घोलकर चार धाम और 12 ज्याेर्तिलिंग की यात्रा

MD ड्रग्स तैयार करने वाला तस्कर रमेश बिश्नोई राजस्थान ANTF व ATS की संयुक्त टीम के हत्थे चढ़ा

कोलकाता में एक अपार्टमेंट से पकड़ा गया MD तस्कर

कोलकाता में एक अपार्टमेंट से पकड़ा गया MD तस्कर

मेथामफेटामाइन ड्रग्स MD जैसा खतरनाक नशा तैयार करने एक वाला और लोगों की जिंदगी में जहर घोलकर खुद बचने के लिए भगवान की शरण में पहुंच गया। काली कमाई के रुपयों से चार धाम और 12 ज्योर्तिलिंग कर आया था। राजस्थान पुलिस की NATF और ATS टीमें प्रदेश में MD ड्रग्स सप्लाई के मुख्य सूत्रधार रमेश बिश्नोई को ऑपरेशन विष्णुबाहू चलाकर प. बंगाल के कोलकाता से दबोच लाई। जिस पर एक लाख का इनाम है। पांच राज्यों का अपराधी, राजस्थान का टॉप-10 फरार अपराधियों में गिना जाता था। वह राजस्थान में MD के काले कारोबार और जहर परोसने का मुख्य रसोइया बताया जा रहा है। एटीएस के IG विकास कुमार ने बताया कि पकड़ा गया रमेश कुमार उर्फ अनिल उर्फ रामलाल पुत्र सोहन बिश्नोई नेडी नाडी, धोरीमन्ना, बाड़मेर का रहने वाला है। 

उम्र से ज्यादा तो क्राइम रिकॉर्ड निकला

राजस्थान में एक लाख का ईनामी और टॉप 10 वांटेड बदमाशों में शुमार रमेश बिश्नोई इन दिनों कोलकता के न्यू टाउन क्षेत्र में रह रहा था। शातिर रमेश की उम्र केवल 31 साल की है परन्तु उस पर चल रहे मुकदमों की कुल संख्या लगभग तीन दर्जन के आस पास है ।

देश के पांच राज्यों राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में रमेश के अपराध की धमक पहुंच चुकी थी और उस पर मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।राजस्थान में लगभग 15-17, गुजरात में 8, तेलंगाना में 3, महाराष्ट्र में 2 और कर्नाटक में 1 मुकदमा रमेश स्वयं स्वीकार किया है जिनका सत्यापन किया जा रहा है। आसाम और मणिपुर में भी उसके खिलाफ मामले बताए।

खबरों की अविरल धारा

खुद को बताता था केमिकल कारोबारी

एटीएस के आईजी विकास कुमार ने बताया कि रमेश बिश्नोई केमिस्ट्री का टीचर और केमिकल्स का व्यापारी बनकर छुपा बैठा था। केमिकल कारखाना लगाने के लिए जगह की तलाश के लिए कोलकाता आना बताकर लोगों पर रौब गांठता था। अपार्टमेंट के लोग उसे बड़ा व्यापारी समझकर उसकी इज्जत करते थे। कुछ बच्चे उससे मार्गदर्शन लेने के लिए आया करते थेI पकडे जाने से बचने और कुछ प्रायश्चित के नाम पर रमेश ने सभी 12 ज्योतिर्लिंगों और चारो धामों की परिक्रमा कर डाली। पकडे जाने के कुछ दिन पहले ही वह जगन्नाथपुरी से घूम आया। गंगासागर जाने की तैयारी में था उसके पहले ही भटकना समाप्त।

यह भी पढ़ें

राजस्थान पुलिस का नशे के खिलाफ जंग में नया अध्याय antf