मुख्य सामग्री पर जाएं

Friday, 30 October 2026

Home / क्राइम /

वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2020 में डमी अभ्यर...

वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2020 में डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने के मामले में दो गिरफ्तार

नौकरी लगवाने के लिए 5 लाख रुपये में तय हुआ था सौदा, एसओजी ने मूल अभ्यर्थी और डमी परीक्षार्थी को पकड़ा

राजस्थान एसओजी की गिरफ्त में आए फर्जीवाड़े से सरकारी नौकरी हथियाने वाले

राजस्थान एसओजी की गिरफ्त में आए फर्जीवाड़े से सरकारी नौकरी हथियाने वाले

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित वनरक्षक सीधी भर्ती परीक्षा-2020 में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बनकर शामिल होने के मामले में मूल अभ्यर्थी भारत मीणा और डमी अभ्यर्थी दिनेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि वनरक्षक की नौकरी हासिल करने के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय किया गया था। एसओजी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की गहन जांच कर रही है।

मूल अभ्यर्थी की जगह दूसरे ने दी परीक्षा

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल के अनुसार, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर की ओर से आयोजित वनरक्षक सीधी भर्ती परीक्षा-2020 में अनियमितताओं को लेकर एसओजी थाने में 26 सितंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उनका इस्तेमाल करने सहित विभिन्न धाराओं में जांच की जा रही थी।

भरतपुर का भारत मीणा अथ्यर्थी, सांचौर का युवक बना परीक्षा में डमी

जांच में सामने आया कि भरतपुर जिले के भुसावर थाना क्षेत्र के निठार निवासी भारत मीणा ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि भारत मीणा की जगह जालौर जिले के सांचौर थाना क्षेत्र के साहू की ढाणी निवासी दिनेश कुमार विश्नोई ने डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी थी। आरोप के मुताबिक, दिनेश कुमार ने परीक्षा केंद्र पर भारत मीणा के स्थान पर प्रवेश किया। उसने प्रवेश पत्र और उपस्थिति पत्रक पर अपना फोटो चस्पा किया तथा भारत मीणा के फर्जी हस्ताक्षर कर परीक्षा में भाग लिया। इस तरह कथित तौर पर परीक्षा प्रक्रिया में धोखाधड़ी की गई।

खबरों की अविरल धारा

पांच लाख रुपये में तय हुआ था सौदा 

एसओजी की जांच में यह भी सामने आया कि भारत मीणा ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा में नौकरी हासिल करने के उद्देश्य से भरतपुर जिले के ठेकड़ा निवासी डालूराम मीणा से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, नौकरी लगवाने के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इसी योजना के तहत भारत मीणा की जगह दिनेश कुमार विश्नोई ने डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा दी थी।

दोनों आरोपी गिरफ्तार

एसओजी की टीम ने लगातार तलाश के बाद 24 अक्टूबर 2026 को भारत मीणा और दिनेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया। मामले में पुलिस अधिकारियों के निर्देशन और निगरानी में जांच अधिकारी सुभाष गोदारा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा उनकी टीम ने कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और नौकरी दिलाने के नाम पर तय किए गए सौदे में किन लोगों की भूमिका रही। एसओजी की जांच जारी है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और संभावित अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

यह भी पढ़ें