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Saturday, 31 October 2026

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जयपुर से दुबई तक फैले हवाला और क्रिप्टो करेंसी ठगी सिंडिकेट का भंडाफोड़

इंटरनेशनल ठगी का सरगना विकास ढाका गिरफ्तार, दुबई तक जुड़े तार; 24 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा

IPS अदिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताई फ्राड के खुलासे की कहानी

IPS अदिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताई फ्राड के खुलासे की कहानी

जयपुर पुलिस (पश्चिम) ने हवाला, फर्जी बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए कथित साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी विकास ढाका को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से नौ मोबाइल फोन, आठ फिनो पेमेंट डेबिट कार्ड किट और गूगल पे स्कैनर रोल बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पिछले दो वर्षों के दौरान करीब 24 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और विदेशी संपर्कों की पड़ताल कर रही है।

पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण के बिहाफ पर प्रोबेशनर IPS अदिति उपाध्याय ने बताया कि 27 अक्टूबर 2026 को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। सूचना में वैशाली नगर की नेमी सागर कॉलोनी स्थित चड्ढा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य जुटाने और संदिग्ध ठिकाने पर निगरानी के बाद विकास ढाका को पकड़कर पूछताछ की गई।

गिरफ्तार आरोपी विकास ढाका, राजेंद्र ढाका का पुत्र है और सीकर जिले के बराला थाना क्षेत्र के बरसनी गांव का निवासी बताया गया है।

मजदूरों के नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी राजस्थान के विभिन्न जिलों में कथित तौर पर अवैध नेटवर्क संचालित कर रहा था। वह करीब 20 दिन पहले ही जयपुर आया था, जहां उसका उद्देश्य नेटवर्क का विस्तार करना था।

पुलिस पूरे सिंडिकेट की तह तक जाएगी सिंडिकेट से जुड़े लोग जयपुर, झालावाड़ और सीकर के आसपास रिसॉर्ट तथा रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों को निशाना बनाते थे। सीधे-साधे मजदूरों को पैसों का लालच देकर उनके पहचान दस्तावेजों और केवाईसी का दुरुपयोग किया जाता था। इनके नाम पर निजी बैंकों और पेमेंट बैंकों में खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल संदिग्ध लेनदेन के लिए किया जाता था।

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दुबई से हवाला और क्रिप्टो का कनेक्शन

पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर एयरटेल पेमेंट्स बैंक के मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार करवाता था। इन खातों के माध्यम से प्राप्त रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने और हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेजने की आशंका है। जांच में दुबई स्थित हवाला और क्रिप्टो नेटवर्क से संपर्क के संकेत भी मिले हैं।

IPS अदिति को क्रैकडाउन की जिम्मेदारी

पुलिस की तकनीकी टीम नौ मोबाइल फोन की जांच कर रही है। प्रोबेशनर IPS अदिति को इस केस के इंटरनल क्रैकडाउन की जिम्मेदारी दी गई हधि। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों और संदिग्ध लेनदेन की कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। पुलिस अब अन्य आरोपियों, विदेशी संपर्कों और ठगी की रकम के वास्तविक स्रोत का पता लगाने में जुटी है।

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