जयपुर नगर निगम में एक ही दिन में पकड़े तीन भ्रष्टाचारी
पट्टे के बदले जमादार ले रहा था 50,000 की रिश्वत, मैरिज रजिस्ट्रार एवं कर्मचारी 12,500 रुपये लेते रंगे हाथों पकड़े गए
पकड़ा गया जमादार और मैरिज रजिस्ट्रार व कर्मचारी
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को जयपुर नगर निगम में करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में तीन भ्रष्टाचारियों को दबोच लिया। इनमें हवामहल जोन की पट़्टा/लीज शाखा का जमादार रामसिंह यादव 50 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया। लालकोठी स्थित निगम मुख्यालय पर मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले रिश्वत वसूलते रजिस्ट्रार और उसके कर्मचारी को 12500 रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया
पिताजी के नाम मकान का पट्टा देने के बदले बेटे से ली 50 हजार रिश्वत
एसीबी को शिकायत मिली कि परिवादी के पिताजी के नाम मकान का पट्टा देने की एवज में आरोपी रामसिंह यादव द्वारा 2 लाख रूपये मांग रहा है। इस पर एसीबी टीम ने ट्रेप कार्रवाई करते हुए आरोपी रामसिंह यादव कार्यालय जमादार पट्टा/लीज शाखा, हवामहल आमेर जोन, नगर निगम जयपुर को 50,000/- रुपये रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी रामसिंह यादव कार्यालय जमादार पट्टा/लीज शाखा, हवामहल आमेर जोन, नगर निगम जयपुर से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। मामले में किसी अधिकारी की भी मिलीभगत की आशंका है।
मैरिज रजिस्ट्रार और कर्मचारी 110 रुपए की जगह ऐंठते थे ढाई हजार से 3000
जयपुर के लालकोठी स्थित एसीबी कार्यालय में एसीबी इकाई कोटा ने मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह एवं कर्मचारी राकेश चौधरी को 12,500 रुपये रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी को एक शिकायत प्राप्त हुई थी कि आर्य समाज मन्दिर, प्रताप नगर, जयपुर में गरीब एवं दहेज रहित विवाह सम्पन्न कराने के बाद उनका विवाह पंजीयन नगर निगम, लालकोठी, जयपुर स्थित मैरिज रजिस्ट्रार कार्यालय में कराया जाता है। विवाह पंजीयन का निर्धारित शासकीय शुल्क 110 रुपये होने के बावजूद मैरिज रजिस्ट्रार विक्रम सिंह एवं कर्मचारी राकेश चौधरी द्वारा प्रति विवाह पंजीयन 2,500 से 3,000 रुपये तक रिश्वत राशि की मांग की जाती थी।
रिश्वत नहीं दो तो आवेदन में खामियां निकालकर करता था परेशान
रिश्वत राशि नहीं देने पर पंजीयन के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों में अनावश्यक कमियां बताकर परिवादियों को परेशान किया जाता था। परिवादी द्वारा प्रस्तुत शिकायत के आधार पर शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया गया। मांग सत्यापन के दौरान आरोपी विक्रम सिंह द्वारा अपने कर्मचारी राकेश चौधरी के माध्यम से रिश्वत राशि की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। जिस पर एसीबी कोटा रेंज के पुलिस उप अधीक्षक अनीस अहमद के नेतृत्व में गठित ट्रैप दल द्वारा कार्रवाई करते हुए नगर निगम, लालकोठी, जयपुर स्थित कार्यालय में दोनों आरोपियों को परिवादी से 12,500/- रुपये रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
तलाशी में 38 हजार रुपए एक्स्ट्रा मिले, वो भी जब्त किए गए
इस दौरान आरोपी कर्मचारी राकेश चौधरी की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से विभिन्न गड्डियों के रूप में 38,000 रुपये की अतिरिक्त नकद राशि भी बरामद हुई है, जिसके संबंध में पूछताछ एवं जांच की जा रही है। आरोपियों के निवास स्थानों की खाना तलाशी एवं अन्य संभावित ठिकानों पर वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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