खेजड़ली मेले में करोड़ों की ज्वेलरी पहनकर पहुंचीं महिलाएं
296 साल पहले खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा के लिए शहीद हुए 363 लोगों को दी श्रद्धांजलि
खेजड़ली मेले में करोड़ों की ज्वेलरी पहनकर पहुंचीं महिलाएं
जोधपुर के खेजड़ली गांव में सोमवार को आयोजित शहीदी मेले में आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला। मेले में बड़ी संख्या में बिश्नोई समाज के लोग पहुंचे। खास तौर पर महिलाएं आकर्षण का केंद्र रहीं। गृहिणियों से लेकर बिजनेस वुमेन तक कई महिलाएं भारी सोने की ज्वेलरी पहनकर मेले में पहुंचीं। कुछ महिलाओं के गहनों की कीमत करीब एक-एक करोड़ रुपए तक बताई गई।
खेजड़ली में हर साल भादो की दशमी को यह मेला आयोजित होता है। इसका संबंध 21 सितंबर 1730 की उस घटना से है, जब अमृता देवी के नेतृत्व में खेजड़ी के पेड़ों को बचाने के लिए 363 महिला-पुरुषों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनकी स्मृति में आयोजित मेले में लोग शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हैं।
इस बार राजस्थान के जोधपुर, फलोदी, नागौर, बीकानेर, सांचौर, जालोर और पाली सहित कई जिलों से लोग पहुंचे। हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश से भी श्रद्धालु आए। लोगों ने हवन कुंड में नारियल की आहुति देकर शहीदों को नमन किया। खेजड़ली का यह शहीदी मेला पर्यावरण संरक्षण की अनूठी परंपरा के लिए जाना जाता है।
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