पाक्सो कोर्ट ने सुनाई थी आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा, हाईकोर्ट ने कर दिया दोष मुक्त
अलवर की पॉक्सो कोर्ट से सजा याफ़्ता 4 को राजस्थान हाईकोर्ट ने बरी कर दिया
नाबालिग के अपहरण और गैंगरेप के मामले में बड़ा फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट ने नाबालिग के अपहरण और गैंगरेप के मामले में चार आरोपियों की सजा रद्द कर उन्हें बरी कर दिया है। जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने 26 अक्टूबर को फैसले का ऑपरेटिव पार्ट सुनाया, जबकि बुधवार को विस्तृत फैसला जारी किया। अलवर की पॉक्सो कोर्ट ने 2 जून 2023 को चारों आरोपियों को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई थी।
पुलिस जांच पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी अंजलि अजीत जोतवाल और पुलिस टीम की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट के मुताबिक, जांच में लापरवाही के कारण अभियोजन की कहानी में कई अहम कमियां रह गईं।
अदालत ने पीड़िता के बयानों में विरोधाभास, एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर संदेह तथा नाबालिग होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिलने को भी फैसले का आधार बनाया। मेडिकल रिपोर्ट में ताजा चोट के निशान नहीं मिले थे और डॉक्टर ने रेप की पुष्टि नहीं की थी। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
यह भी पढ़ें