राजस्थान हाईकोर्ट में आधी रात तक सुनवाई, रात 10 बजे शुरू हुई कार्यवाही तड़के 2 बजे तक चली
पार्षदों की गिरफ्तारी पर रोक
राजस्थान हाईकोर्ट में आधी रात तक चली सुनवाई
राजस्थान हाईकोर्ट में रविवार रात असाधारण रूप से विशेष सुनवाई हुई। संभवत: राजस्थान हाईकोर्ट के इतिहास में ये पहली बार हुआ है जब रात में सुनवाई की गई। निकाय चुनाव से ठीक पहले पार्षदों और प्रत्याशियों की गिरफ्तारी की आशंका को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई रात करीब 10 बजे शुरू हुई और तड़के 2 बजे तक चली। कोर्ट ने हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों और बीकानेर के एक पार्षद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर रविवार को विशेष पीठों का गठन किया गया। हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों की याचिका पर जस्टिस नूपुर भाटी की एकलपीठ ने सुनवाई की। चुनाव से पहले गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए याचिकाकर्ताओं ने तत्काल राहत मांगी थी।
बीकानेर में वार्ड 18 के कांग्रेस पार्षद और पूर्व यूआईटी अध्यक्ष मकसूद अहमद की याचिका पर जस्टिस सुनील बेनीवाल ने सुनवाई की। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के साथ मतदान की अनुमति भी दी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि पुराने मामले में पुलिस की कार्रवाई से मतदान प्रभावित हो सकता है।
उधर, कुचेरा के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष और निर्वाचित पार्षद तेजपाल मिर्धा तथा श्रीविजयनगर के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुशील मीढा को भी कोर्ट से अंतरिम राहत मिलने की जानकारी सामने आई है।
जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम में मेयर पद के चुनाव 25 सितंबर को होने हैं।
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