फूफा ही बन गया भतीजा-भतीजियों की जान का दुश्मन
मौजमाबाद में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, पीड़िता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
पीड़िता ने सुनाई अपनी दास्तां
जयपुर। मात्र 45 गज के भूखंड के लिए एक फूफा अपने ही भतीजे-भतीजियों की जान का दुश्मन बन गया। मौजमाबाद थाना क्षेत्र में भूखंड पर निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। पीड़िता परवीना बानो ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि न्यायालय से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश होने के बावजूद दूसरे पक्ष द्वारा विवादित जमीन पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विरोध करने पर उसके और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई। पीड़िता ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य रुकवाने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद
मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, मौजमाबाद थाना क्षेत्र में स्थित विवादित भूखंड पर 3 सितंबर 2026 को निर्माण सामग्री डाली गई थी। पीड़िता का आरोप है कि 8 सितंबर को उसकी जमीन की सीमा पर लगी छड़ियों और दीवार को हटाकर जबरन निर्माण करने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। पीड़िता का कहना है कि उसने इस संबंध में मौजमाबाद थाने में शिकायत दी, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय दोनों पक्षों को पुलिस ने पाबंद कर दिया।
न्यायालय के आदेश के बावजूद निर्माण का आरोप
पीड़िता ने अपने पत्र में बताया कि विवादित भूखंड को लेकर सिविल न्यायालय में मामला विचाराधीन है। उसके अनुसार, 29 सितंबर 2026 को न्यायालय ने विवादित स्थल पर निर्माण नहीं करने और मौके की यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया था। इसके बावजूद 4 अक्टूबर को वहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने निर्माण रुकवाने के लिए पुलिस से संपर्क किया तो मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। इसके बाद दूसरे पक्ष ने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया।
महिला के सिर पर पत्थरों से हमला करने का आरोप
प्रार्थना पत्र में परवीना बानो ने आरोप लगाया कि निर्माण का विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके साथ मारपीट की। पीड़िता के अनुसार, उसकी बहन ने बीच-बचाव करने और आरोपियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान उसके सिर पर कई जगह पत्थरों से वार किए गए। महिला के सिर और शरीर पर चोटें आने का दावा किया गया है। पीड़िता का कहना है कि इस घटना की रिपोर्ट भी पुलिस को दी गई, लेकिन उसके अनुसार आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिसकर्मियों पर धमकाने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर को मौजमाबाद थाने के हेड कांस्टेबल योगेश और अन्य पुलिसकर्मियों के सामने विवादित स्थल पर निर्माण कार्य जारी रहा। उसने पुलिस अधिकारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। पत्र में दावा किया गया है कि शिकायत करने पर उसे कार्रवाई का भरोसा देने के बजाय धमकाया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि थाने में शिकायत लेकर पहुंचने पर उसे उचित सुनवाई नहीं मिली। उसने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
13 अक्टूबर 2026 को हस्ताक्षरित प्रार्थना पत्र में परवीना बानो ने मांग की है कि मौजमाबाद थाना पुलिस को उसकी शिकायत दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही, न्यायालय के आदेश की पालना सुनिश्चित कर विवादित भूखंड पर चल रहे निर्माण कार्य को रुकवाया जाए।फिलहाल, ये आरोप पीड़िता की ओर से मुख्यमंत्री को दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए हैं। पुलिस का पक्ष और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध दस्तावेजों में सामने नहीं आई है। मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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