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Friday, 30 October 2026

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राजस्थान की 23 लाख पांडुलिपियों का सर्वे, 1.24 लाख डिजिटल

गप्राचीन ज्ञान को डिजिटल माध्यम से सहेजने पर जोर दिया

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की पहल

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की पहल

राजस्थान में प्राचीन ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल रूप देने की दिशा में काम जारी है। राज्य में अब तक राजकीय और निजी संग्रहों, पुस्तकालयों, मंदिरों और मठों समेत विभिन्न स्थानों पर करीब 23 लाख पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है। इनमें से लगभग 1.24 लाख पांडुलिपियों को डिजिटल स्वरूप दिया जा चुका है।

ज्ञान भारतम मिशन के तहत सोमवार को जयपुर के झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में पांडुलिपि डिजिटलीकरण कार्यशाला हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि पांडुलिपियां सिर्फ पुराने दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के हजारों वर्षों के साहित्य, इतिहास, दर्शन, परंपरा और शोध का महत्वपूर्ण ज्ञान समेटे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य प्राचीन ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है, ताकि यह सामग्री अलमारियों और निजी संग्रहों तक सीमित न रहे। डिजिटल माध्यम से शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम लोगों तक भी यह ज्ञान पहुंच सके। उन्होंने हर पांडुलिपि को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की बात कही।

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