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Monday, 2 November 2026

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22 लाख छात्र संग मोदी सरकार की परीक्षा, एयरफोर्स के हवाले प्रश्नपत्रों की सुरक्षा

पेपर लीक के बाद बड़ा कदम, एयरफोर्स की निगरानी में देशभर में पहुंचेंगे नीट पेपर

NEET री एग्जाम की बड़ी तैयारी

NEET री एग्जाम की बड़ी तैयारी

NEET री-एग्जाम को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अद्भुत कदम उठाया है। पहली बार भारतीय वायुसेना को प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रक्षा मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, वायुसेना के विमान देशभर में निर्धारित 18 स्थानों तक प्रश्नपत्रों के अलग-अलग सेट पहुंचाएंगे। वहां से कड़ी सुरक्षा के बीच इन्हें परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि प्रश्नपत्र प्रिंटिंग से लेकर परीक्षा केंद्र तक पूरी तरह सुरक्षित रहें और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

21 जून को NEET री-एग्जाम

21 जून को होने वाले NEET री-एग्जाम में देशभर के 22 लाख से अधिक छात्र शामिल होंगे। ऐसे में सरकार और एनटीए कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। परीक्षा की सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की भी तैनाती की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था किसी बड़े राष्ट्रीय आयोजन जैसी होगी।

खबरों की अविरल धारा

सूत्रों के मुताबिक, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन को लेकर एनटीए अधिकारियों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक भी की थी। इसके बाद वायुसेना की मदद लेने का फैसला किया गया। माना जा रहा है कि यह कदम परीक्षा प्रक्रिया में छात्रों का भरोसा मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा को पेपर लीक की खबरों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद से छात्र और अभिभावक नई परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे थे। अब एयरफोर्स की भागीदारी और सख्त सुरक्षा इंतजामों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं होगी।

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