निकाय चुनाव की आचार संहिता खत्म फिर भी नहीं हो सकेगे ट्रांसफर, ज्वाइनिंग और रिलीविंग
राजस्थान के 304 नगरीय निकायों से आदर्श आचरण संहिता समाप्त, जयपुर-जोधपुर सहित 5 क्षेत्रों में पाबंदी जारी
नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता समाप्त
राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की आचार संहिता समाप्त हो गई है। प्रदेश के 304 नगरीय निकाय क्षेत्रों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव हो चुका है। जिन पांच निकायों, जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम, और नगर पालिका सुकेत और खाटू श्यामजी में अभी भी आचार संहिता प्रभावी रहेगी। इसी के साथ राज्य निर्वाचन आयाेग ने पंचायत चुनावों की प्रक्रिया भी जल्द शुरू करने के संकेत दे दिए हैं। निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता खत्म कर दी लेकिन राजकीय कर्मचारियों के तबादले, ज्वाइनिंग और रिलीविंग पर रोक बरकरार रखी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा के आदेश से आचार संहिता समाप्त होने से इन क्षेत्रों में विकास कार्यों और सामान्य प्रशासनिक गतिविधियों पर लगी रोक हट गई है।
304 निकायों में पूरी हुई चुनावी प्रक्रिया
आधिकारिक पत्र के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग ने 19 अगस्त 2026 को प्रदेश के 41 जिलों के अंतर्गत आने वाले कुल 309 नगरीय निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी। इस घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई थी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम जयपुर, जोधपुर, कोटा और नगर पालिका सुकेत व खाटूश्यामजी को छोड़कर शेष सभी 304 निकायों के समस्त पदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया 22 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी है। चुनाव संपन्न होने के मद्देनजर इन 304 क्षेत्रों से आचार संहिता हटाने का फैसला किया गया है।
जयपुर, जोधपुर समेत 5 क्षेत्रों में अभी भी आचार संहिता प्रभावी
हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि प्रदेश के 5 प्रमुख नगरीय निकाय क्षेत्रों में अभी चुनावी प्रक्रिया जारी है। इनमें नगर निगम जयपुर, नगर निगम जोधपुर, नगर निगम कोटा, नगर पालिका सुकेत और नगर पालिका खाटूश्यामजी शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया है कि इन 5 विशिष्ट नगरीय निकाय क्षेत्रों में आगामी आदेशों तक आदर्श आचरण संहिता पूरी तरह से प्रभावी रहेगी और आचार संहिता के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यमुक्ति पर प्रतिबंध रहेगा बरकरार
नगरीय निकाय चुनावों की इस आंशिक समाप्ति के साथ ही आयोग ने भविष्य की तैयारियों का भी संकेत दिया है। आयोग ने कहा है कि जल्द ही पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव संपन्न करवाए जाने हैं। इसी आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए, राज्य के सभी जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों को वर्तमान जिम्मेदारियों से कार्यमुक्त करने तथा नए स्थान पर कार्यग्रहण कराने (स्थानांतरण व पोस्टिंग) पर लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध यथावत जारी रहेगा। प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह प्रतिबंध इसलिए बरकरार रखा गया है ताकि पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों और प्रबंधन में किसी भी तरह की बाधा या जनशक्ति की कमी न आए।
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