देवास में शराब तस्करों ने बिछा दी थाना प्रभारी की लाश
मध्य प्रदेश के देवास में बड़ी घटना, खातेगांव में अवैध शराब की तस्करी रोकने पहुंचे थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक की चपेट में आने से मौत
शराब तस्करों की धरपकड़ करने गई थी पुलिस
मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अवैध शराब की तस्करों की धरपकड़ करने गए खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की रविवार रात ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। आरोप है कि शराब तस्करों ने उन पर ट्रक चढा दिया। उन्हें कुचलने के बाद ट्रक छोडकर चालक फरार हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को रविवार रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंदौर-बैतूल हाईवे के रास्ते एक ट्रक (नंबर MP 43 H 4786) भारी मात्रा में अवैध शराब भरकर तस्करी के लिए जा रही है। थाना प्रभारी दिलीप पुरी गोस्वामी पुलिस टीम के साथ नेमावर रोड स्थित इंदौर-बैतूल हाईवे पर चेकिंग करने के लिए नाका लगाकर खड़े हो गए। इस दौरान पुलिस ने शराब लेकर जा रहे एक आयशर वाहन को रोक लिया। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी ने चालक को वाहन से नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन चालक ने वाहन को डिवाइडर पर चढ़ाते हुए आगे बढ़ा दिया।
पिछला पहिया TI के ऊपर से गुजरा
इस दौरान आयशर वाहन का पिछला पहिया थाना प्रभारी दिलीप पुरी के ऊपर से गुजर गया। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी पुलिस वालों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया हां चिकित्सकों ने करीब दो घंटे तक CPR और अन्य उपचार किए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
जितने लोग हैं, सब तारीफ कर रहे
TI दिलीप पुरी मूल रूप से धार जिले की सरदारपुर तहसील के छोटे से ग्राम बरमण्डल के रहने वाले थे। उनका परिवार इलाके में काफी प्रतिष्ठित है। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी एक सम्मानित कृषक होने के साथ-साथ इलाके के वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी हैं। बावजूद इसके, दिलीप पुरी ने राजनीति की बजाय खाकी पहनकर आम जनता की सेवा करने का रास्ता चुना था। उनके परिवार में उनके छोटे भाई हैं, जो इंदौर में प्राइवेट नौकरी संभालते हैं। घटना की खबर मिलते ही परिवार के तमाम लोग और रिश्तेदार उनके पैतृक गांव बरमण्डल पहुंचने लगे। पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया ग्रुप और अन्य मीडिया प्लेटफार्म्स पर लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं और कर्त्तव्य निष्ठ अधिकारी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
जहरीली शराब से मौत का तांडव रोकने निकले थे दिलीप पुरी
मध्य प्रदेश के देवास जिले में पिछले माह संदिग्ध जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत होने का बड़ा मामला सामने आया था। यह दर्दनाक घटना जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित चंदाना और बिंजाना गांवों में हुई थी।
- घटना और मौतें: चंदाना और बिंजाना गांवों में 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच 13 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों का आरोप है कि ये मौतें जहरीली शराब पीने से हुई हैं, जिससे कई लोगों की आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ा है।
- प्रशासनिक कार्रवाई: इस गंभीर लापरवाही और मामले के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए देवास के कलेक्टर और एसपी (SP) को पद से हटा दिया था।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारियां: पुलिस ने अवैध शराब बेचने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। शराब तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान अब थाना प्रभारी पर भी ट्रक चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
एक ही दिन में रोड एक्सीडेंट के सात मामले
