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Sunday, 1 November 2026

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अजमेर सेंट्रल जेल में नशे की गोलियों का खेल! एक नंबर पर 1283 कॉल, खाते में 50 लाख का लेन-देन

कैदी की शिकायत के बाद खुला मामला

अजमेर सेंट्रल जेल

अजमेर सेंट्रल जेल

अजमेर की सेंट्रल जेल में नशे की गोलियों की सप्लाई और पैसों के लेन-देन का मामला सामने आया है। जेल प्रशासन की जांच में एक मोबाइल नंबर पर 1283 बार कॉल किए जाने और उससे जुड़े बैंक खाते में करीब 49.80 लाख रुपए के लेन-देन का खुलासा हुआ है। मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने 19 अगस्त को FIR दर्ज की है। जेल प्रहरी महिपाल मंगलोदा की रिपोर्ट पर दर्ज FIR में करण सिंह, कमल, जयराम, शिवराज और धनराज को आरोपी बनाया गया है। ये सभी पहले जेल में बंद थे और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

ऑनलाइन पेमेंट का आरोप

जेल में हत्या के दो मामलों में बंद भीकाराम ने 22 जुलाई 2025 को डीजी जेल को शिकायत भेजी थी। उसने आरोप लगाया था कि करण सिंह और कमल सिंह ने उससे मारपीट कर करीब 500 रुपए में नशे की गोली बेचने और रकम मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन भेजने की बात कही। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। जांच में सामने आया कि जेल के एसटीडी से श्रीनगर थाना क्षेत्र के कनाखेड़ी निवासी जयराम रावत के नंबर पर 1283 कॉल की गईं। एक दिन में 3 से 29 बार तक कॉल हुईं। इस नंबर से जुड़े बैंक खाते में 1 जनवरी 2024 से 20 अप्रैल 2026 के बीच करीब 49.80 लाख रुपए क्रेडिट हुए, जबकि क्लोजिंग बैलेंस 13,358 रुपए था।

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जेल कर्मचारी की मिलीभगत

जेल प्रशासन ने आशंका जताई है कि लगातार एक ही नंबर पर कॉल और पैसों के लेन-देन के पीछे जेल कर्मचारी की मिलीभगत हो सकती है। अब पुलिस यह जांच करेगी कि नंबर को जेल के एसटीडी से जोड़ने में किसकी भूमिका थी और इसके बदले किसे फायदा मिला।

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