Wednesday, 16 September 2026

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अरुणाचल में बादल फटने के 6 दिन बाद भी अलवर के समुद्र गुर्जर लापता, परिवार की टूट रही आस

राखी पर घर आने वाला था

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बेटे समुद्र की तस्वीर हाथ में लिए पिता

अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में 14 अगस्त को बादल फटने की घटना में लापता हुए सेना के सात जवानों में राजस्थान के अलवर जिले का अग्निवीर जवान समुद्र गुर्जर भी शामिल है। हादसे के बाद सेना ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और दो जवानों को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन घटना के छह दिन बाद भी समुद्र का कोई पता नहीं चल सका है। बेटे की जानकारी नहीं मिलने से अलवर स्थित उसके घर में मातम पसरा हुआ है। समय बीतने के साथ परिवार की चिंता और बढ़ती जा रही है।

घर आने वाला था राखी पर 

समुद्र के पिता बदली राम गुर्जर किसान हैं। परिवार में उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। समुद्र उनका इकलौता बेटा है। परिजनों के मुताबिक, समुद्र मई में करीब 10 दिन की छुट्टी लेकर घर आया था। इसके बाद वह राखी के त्योहार पर दोबारा घर आने की बात कहकर ड्यूटी पर लौट गया था। परिवार में उसके घर आने को लेकर खुशी का माहौल था, लेकिन 15 अगस्त को सेना की ओर से हादसे की सूचना मिलने के बाद खुशियां चिंता में बदल गईं। परिजन लगातार समुद्र की सलामती की उम्मीद लगाए हुए हैं।

पिता के पैरों का ऑपरेशन करवाने वाला था

बदली राम ने बताया कि समुद्र का बचपन से सपना था कि वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करे। इसी लक्ष्य के लिए उसने तैयारी की और अग्निवीर योजना के तहत सेना में चयनित हुआ। करीब दो साल पहले भर्ती होने के बाद उसने जबलपुर ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण पूरा किया था। इसके बाद उसकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश में हुई। पिता के मुताबिक, समुद्र से आखिरी बातचीत हादसे से कुछ दिन पहले हुई थी। बातचीत के दौरान वह कहता था कि राखी पर घर आने के बाद पिता के पैरों का ऑपरेशन करवाएगा। बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रहा परिवार अब उसके सकुशल वापस आने की प्रार्थना कर रहा है।

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परिजन अरुणाचल रवाना

बदली राम ने बताया कि सेना की ओर से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जाने की जानकारी मिल रही है, लेकिन अभी तक समुद्र के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। हादसे की वास्तविक स्थिति जानने के लिए परिवार के कुछ सदस्य अरुणाचल प्रदेश के लिए रवाना हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि समुद्र किस स्थिति में है। हर गुजरते दिन के साथ परिवार की बेचैनी बढ़ रही है।

परिवार को ढांढस बंधा रहे लोग

हादसे की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग भी समुद्र के घर पहुंच रहे हैं और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार के सदस्यों की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं। ऐसे मुश्किल समय में ग्रामीण परिवार के साथ खड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समुद्र इस परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे गांव का बेटा है। जब तक उसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल जाती, गांव के लोग परिवार के साथ खड़े रहेंगे।

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