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Monday, 2 November 2026

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रणवीर सिंह के लीगल नोटिस से FWICE के बदले सुर

FWICE ने वापस लिया नॉन-कोऑपरेशन

डॉन-3 विवाद में नया ट्विस्ट

डॉन-3 विवाद में नया ट्विस्ट

रणवीर सिंह और डॉन 3 को लेकर चल रहा विवाद अब एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। जिस मामले में फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े कर्मचारी संगठन FWICE ने अभिनेता के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन का ऐलान किया था, उसी फैसले को अब वापस ले लिया गया है। खास बात यह है कि यह यू-टर्न रणवीर सिंह की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस के बाद देखने को मिला है।

दरअसल, फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 से रणवीर सिंह के अलग होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। FWICE ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए अभिनेता के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन की घोषणा कर दी थी। हालांकि इस कदम पर फिल्म इंडस्ट्री के भीतर ही सवाल उठने लगे थे कि क्या इतना बड़ा फैसला बाकी संगठनों से चर्चा किए बिना लिया गया था। मामला तब और गर्मा गया जब 2 जून को रणवीर सिंह ने FWICE को कानूनी नोटिस भेज दिया। इसके अगले ही दिन संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अपना पक्ष रखा। इस दौरान सिंटा, इफ्तडा, ऑल इंडिया फिल्म एम्प्लॉइज कॉन्फेडरेशन और FWICE के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में इफ्तडा के अध्यक्ष अशोक पंडित ने बताया कि सिंटा, इम्प्पा और प्रोड्यूसर्स गिल्ड की ओर से नॉन-कोऑपरेशन वापस लेने का अनुरोध किया गया था। इन संगठनों की अपील पर विचार करने के बाद FWICE ने अपना फैसला बदलने का निर्णय लिया।

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अशोक पंडित ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन के पास किसी कलाकार को बैन करने का अधिकार नहीं है। FWICE केवल नॉन-कोऑपरेशन की अपील कर सकता है। वहीं रणवीर सिंह की ओर से भेजे गए लीगल नोटिस पर उन्होंने कहा कि उसका जवाब कानूनी प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा।

FWICE के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने पूरे विवाद को परिवार के भीतर का मामला बताते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री एक परिवार की तरह है और सभी पक्ष मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे। फिलहाल नॉन-कोऑपरेशन वापस लिए जाने के बाद रणवीर सिंह को बड़ी राहत मिली है। लेकिन डॉन 3 से उनके बाहर होने के पीछे की असली कहानी और इस विवाद का अंतिम पड़ाव क्या होगा, इस पर इंडस्ट्री की नजरें अभी भी टिकी हुई हैं।

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