Sunday, 2 August 2026

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हापुस आम पर ईरान-अमेरिका तनाव की मार

बिगड़े मौसम ने छीना हापुस का स्वाद

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कोंकण के किसान संकट में

देश-दुनिया में अपनी मिठास और खुशबू के लिए मशहूर ‘हापुस’ यानी इस साल गंभीर संकट से गुजर रहा है। महाराष्ट्र के कोंकण इलाके में खराब मौसम, बेमौसम बारिश और भीषण हीटवेव ने आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। ऊपर से ईरान-अमेरिका तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैदा हुई अनिश्चितता ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

गिरा उत्पादन

कोंकण के आम उत्पादक किसानों के मुताबिक इस बार हापुस आम की पैदावार पिछले वर्षों की तुलना में कम हुई है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने पेड़ों पर आए बौर और फलों को बुरी तरह प्रभावित किया। कहीं तेज गर्मी ने फलों को झुलसा दिया तो कहीं अचानक हुई बारिश ने पूरी फसल खराब कर दी।

कम उत्पादन का असर अब बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। आम की भारी कमी के कारण कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं और आम लोगों के लिए हापुस खरीदना मुश्किल हो गया है।

ईरान-अमेरिका तनाव से एक्सपोर्ट कारोबार पर असर

किसानों का कहना है कि इस बार सिर्फ मौसम ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हालात ने भी उन्हें बड़ा झटका दिया है। ईरान-अमेरिका तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता के कारण निर्यात कारोबार प्रभावित हुआ है। कई देशों में शिपमेंट और लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ा, जिससे हापुस आम का एक्सपोर्ट भी प्रभावित हुआ।

कोंकण के कई किसान हर साल विदेशों में हापुस आम भेजकर अच्छी कमाई करते थे, लेकिन इस बार अंतरराष्ट्रीय बाजार कमजोर पड़ने से उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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सड़क पर उतरे किसान

लगातार नुकसान और बढ़ते कर्ज से परेशान किसानों ने अब सरकार से मदद की मांग तेज कर दी है। किसानों का कहना है कि मौजूदा फसल बीमा योजना उनकी वास्तविक क्षति को कवर नहीं करती।

अपनी मांगों को लेकर हाल ही में किसानों ने मुंबई-गोवा नेशनल हाईवे पर चक्काजाम आंदोलन भी किया। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार से तत्काल मुआवजा, फसल बीमा में सुधार और आर्थिक सहायता पैकेज की मांग की।

मिठास के पीछे छिपा किसानों का दर्द

जिस हापुस आम को लोग गर्मियों की शान मानते हैं, उसके पीछे इस बार किसानों का दर्द और संघर्ष छिपा हुआ है। मौसम की मार और वैश्विक तनाव ने कोंकण के हजारों आम उत्पादकों की उम्मीदों को झटका दिया है। अब किसानों की नजर सरकार की मदद और आने वाले सीजन पर टिकी है।

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