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हाईकोर्ट ने सजा को सही ठहराया
आसाराम को बड़ा झटका
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम को बड़ा झटका देते हुए उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। बुधवार को सुनाए गए फैसले में कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के आरोप मजबूत साक्ष्यों से साबित होते हैं।
हालांकि, मामले में सह-आरोपी शिल्पी और शरतचंद को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। फैसला जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने सुनाया।
हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अंतरिम जमानत पर चल रहे आसाराम को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना होगा।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने मामले को झूठा बताते हुए कई दलीलें दीं, लेकिन अदालत ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा और दोषसिद्धि सही है।
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