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युवा शक्ति मंच का जोशीला प्रदर्शन, परकोटा क्षेत्र से बहुसंख्यकों का पलायन रोकने और सांस्कृतिक विरासत बचाने की मांग
खोले के हनुमान जी मंदिर से अल्बर्ट हॉल तक निकाली रैली
राजधानी के परकोटा क्षेत्र से बहुंसख्यक वर्ग के बडी संख्या में हो रहे पलायन को रोकने के साथ ही जयपुर की सांस्कृतिक विरासत को बचाने की मांग को लेकर रविवार को युवा शक्ति मंच राजस्थान के आह्वान पर निकाली गई विशाल भगवा आक्रोश रैली में जनसैलाब उमड़ा। खोले के हनुमान जी मंदिर से शुरू हुई रैली में देशभर से आए प्रमुख संत-महंत, साधु-संतों के साथ बड़ी संख्या में आमजन शामिल हुए। रैली के दौरान पूरे मार्ग पर भगवा ध्वज और जय श्रीराम के जयघोष गूंजते रहे। कार्यक्रम के लिए खोले के हनुमान जी मंदिर के बाहर विशेष मंच बनाया गया था। यहां हनुमान चालीसा के पाठ के बाद संतों ने श्रद्धालुओं और रैली में शामिल लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम में देशभर के प्रमुख संतों की मौजूदगी रही। धार्मिक वातावरण के बीच रैली को जयपुर सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामदास महाराज ने भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया।
एक दर्जन से अधिक जगहों पर पुष्पवर्षा
रैली के मार्ग में जगह-जगह लोगों ने भव्य स्वागत किया। शहरवासियों ने रैली में शामिल संतों और आमजन पर पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया। एक दर्जन से अधिक स्थानों पर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत द्वार बनाए गए। कई जगह लोगों ने हाथों में भगवा ध्वज लेकर रैली का स्वागत किया। पूरे मार्ग में धार्मिक उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला।
हनुमान चालीसा के बाद शुरू हुआ कारवां
खोले के हनुमान जी मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ के बाद रैली शुरू हुई। रैली गंगापोल रोड से होते हुए जोरावर सिंह गेट स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के सामने पहुंची। यहां से सुभाष चौक और चांदी की टकसाल होते हुए रैली बड़ी चौपड़ की ओर बढ़ी। त्रिपोलिया से होते हुए किशनपोल बाजार व अजमेरी गेट होते हुए रामनिवास बाग चौराहे पर पहुंची जहां से अल्बर्ट हॉल के सामने जाकर रैली का समापन हुआ। परकोटे के प्रमुख बाजारों से गुजरते हुए रैली ने जयपुर की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मार्ग में जगह-जगह संतों के दर्शन के लिए लोग उमड़े।
अल्बर्ट हॉल के सामने हुआ समापन
भगवा आक्रोश रैली में सबसे आगे भगवा वस्त्र पहने 2100 महिलाएं आगे चल रही थी। इनके पीछे आमजन का हुजूम था। इस रैली में 10000 से अधिक दोपहिया औैर 500 से अधिक चौपहिया भी शामिल हुए। यह रैली रामनिवास बाग स्थित अल्बर्ट हॉल के सामने पहुंचकर संपन्न हुई। यहां संतों और आयोजकों ने जयपुर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और शहर की पारंपरिक पहचान को मजबूत करने का संदेश दिया। रैली में शामिल लोगों ने एकजुट होकर इन मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
संतों और आमजन की बड़ी भागीदारी
रैली में बड़ी संख्या में साधु-संतों, युवाओं और आमजन ने भाग लिया। धार्मिक आस्था और सामाजिक सरोकारों से जुड़े इस आयोजन में जय श्रीराम के उद्घोष लगातार गूंजते रहे। रैली के दौरान भगवा ध्वजों से पूरा मार्ग भगवामय नजर आया। इस दौरान युवा शक्ति मंच के प्रदेश संयोजक सुनील सिंह शेखावत ने कहा कि जयपुर की सांस्कृतिक विरासत केवल शहर की पहचान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए धरोहर है और इसे सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।
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