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अजमेर जेल में मौत, 100 से ज्यादा केस, 20 साल तक तीन राज्यों में आतंक, ऐसी मौत का किसी को अंदाजा नहीं था
जगन गुर्जर की अजमेर सेंट्रल जेल में मौत हो गई
राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीहड़ों में दहशत का दूसरा नाम रहा कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर खुद जेल के भीतर मौत का शिकार हो गया। सोमवार को अजमेर सेंट्रल जेल में उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक कुलदीप जगीना हत्याकांड का आरोपी विष्णु गुर्जर इस वारदात का आरोपी है।
जीजा की मौत के बाद बनाई गैंग
जगन गुर्जर पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अपहरण समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। कहा जाता है कि 1994 में अपने जीजा की हत्या के बाद बदला लेने के लिए उसने चार भाइयों के साथ गैंग बनाई और फिर बीहड़ों में अपराध का साम्राज्य खड़ा कर दिया। करीब दो दशक तक उसकी गैंग ने तीन राज्यों में आतंक फैलाए रखा।
वसुंधरा राजे के बंगले को उड़ाने की दी थी धमकी
जगन कई बार पुलिस को चुनौती देता रहा और अधिकांश मामलों में उसने गिरफ्तारी के बजाय खुद सरेंडर किया। गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बंगले को उड़ाने की धमकी भी दी थी। इसके बाद उस पर 11 लाख रुपये का इनाम घोषित हुआ।
सचिन पायलट की मौजूदगी में किया था आत्मसमर्पण
आखिरकार 31 जनवरी 2009 को उसने कांग्रेस नेता सचिन पायलट की मौजूदगी में अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। साल 2022 में फिर एक विधायक को धमकी देने के मामले में वह चर्चा में आया और दोबारा सरेंडर किया। अब अजमेर सेंट्रल जेल में उसकी हत्या के साथ चंबल के सबसे चर्चित डकैतों में शामिल जगन गुर्जर की कहानी का अंत हो गया।
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