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एसी में आग लगने से हुई मौत
हादसे के वक्त घर में थे पांच लोग मौजूद
दिल्ली के हौज खास इलाके में शुक्रवार देर रात हुए दर्दनाक हादसे में रिटायर्ड IAS अधिकारी और कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के पहले चेयरमैन धनेंद्र कुमार की मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर में लगी आग संभवतः एयर-कंडीशनर की इनडोर यूनिट में हुए ब्लास्ट के कारण फैली।
घटना के समय घर में कुल पांच लोग मौजूद थे। हादसे में धनेंद्र कुमार और उनके बेटे को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान धुएं से दम घुटने के कारण धनेंद्र कुमार ने दम तोड़ दिया। उनके बेटे का इलाज जारी है।
देर रात मची अफरा-तफरी
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार रात करीब 11:24 बजे हौज खास एन्क्लेव स्थित मकान में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं, जिनमें एक वॉटर बाउज़र भी शामिल था।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रात 12:20 बजे आग पर काबू पाया गया। तब तक आग ग्राउंड फ्लोर से लेकर पहली मंजिल तक फैल चुकी थी। घर में रखा घरेलू सामान और लकड़ी की खिड़कियां आग की चपेट में आ गई थीं।
स्थानीय लोगों और PCR टीम ने बचाए लोग
दमकल विभाग के पहुंचने से पहले PCR टीम और आसपास मौजूद लोगों ने रेस्क्यू शुरू कर दिया था। घायल अवस्था में दो लोगों को तुरंत AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बाद में धनेंद्र कुमार को मृत घोषित कर दिया।
AC ब्लास्ट को माना जा रहा हादसे की वजह
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। शुरुआती जांच में अंदेशा जताया गया है कि एयर-कंडीशनर की इनडोर यूनिट में विस्फोट होने के बाद आग तेजी से फैली। फिलहाल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वायरिंग की जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अब तक जांच में किसी साजिश या संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।
कौन थे धनेंद्र कुमार?
हरियाणा कैडर के 1968 बैच के IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार प्रशासनिक और आर्थिक क्षेत्र की बड़ी हस्तियों में गिने जाते थे। वे वर्ल्ड बैंक में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी रह चुके थे। इसके अलावा वे कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के पहले चेयरमैन बने थे।
क्या है CCI?
Competition Commission of India यानी CCI भारत की वह सरकारी संस्था है, जो बाजार में कंपनियों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करती है और किसी कंपनी द्वारा बाजार में दबदबा बनाकर गलत फायदा उठाने पर नजर रखती है। आयोग की स्थापना 2003 में हुई थी, जबकि इसका पूर्ण संचालन 2009 से शुरू हुआ।
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