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राजस्थान विधि विज्ञान प्रयोगशाला FSL के डायरेक्टर पद पर सीनियर मोस्ट राखी खन्ना को दरकिनार कर जूनियर को दिया जिम्मा
राखी खन्ना और परमजीत सिंह
राखी के त्योहार से पहले राजस्थान सरकार ने राखी नाम की एक सीनियर महिला साइंटिस्ट का हक मार दिया। उनकी सीनियरिटी को दरकिनार कर जूनियर को विधि विज्ञान प्रयोगशाला निदेशक का चार्ज दे दिया।राखी के त्योहार से पहले यह मामला बेहद चर्चा में आ गया। राजस्थान में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) में डायरेक्टर पद को लेकर घमासान मचा है। पुराने डायरेक्टर के करप्शन केस में फंस जाने पर सरकार ने सीनियर मोस्ट साइंटिस्ट रमाकांत को चार्ज दिया था। रमाकांत ने बीमारी के चलते FSL का चार्ज लौटा दिया। उनके बाद सीनियरिटी के हिसाब से राखी खन्ना का नंबर आता, लेकिन सरकार ने सीनियरिटी को दरकिनार कर तीसरे नंबर वाले परमजीत सिंह को एफएसएल का चार्ज देकर विभाग में कलह पैदा कर दिया।
जूनियर के अंडर में करना पड़ेगा काम
अब सीनियर होते हुए भी राखी खन्ना अपने जूनियर के अंडर में काम करने को मजबूर हैं। राखी खन्ना ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्यपाल को पत्र लिखा तो मामला चर्चा में आ गया। इस मामले को लेकर FSL के अधिकारी-कर्मचारियों में दो धड़े बंट गए है। राखी खन्ना अपने काम को लेकर काफी चर्चित रही हैं। जिसे चार्ज दिया गया है, वह उनसे उम्र में भी पांच वर्ष छोटे हैं।
डीएनए किट खरीद मामले में हटाए गए थे निदेशक
एफएसएल में डीएनए किट खरीद मामले में पुराने निदेशक अजय शर्मा को APO करना पड़ा था। यह चार्ज जूनियर को देने पर चार्ज देने पर सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ देश में पीएम मोदी महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, उनके नक्शे-कदम पर चलने का दावा करने वाली राजस्थान सरकार ने एक महिला अफसर का हक मार दिया। सवाल यह है कि जूनियर को इंचार्ज बना दिया, ऐसे में सीनियर साइंटिस्ट राखी खन्ना की एसीआर कौन भरेगा, उनका जूनियर। यह सिंगल पोस्ट है। कार्यभार का आदेश गृह विभाग से जारी हुआ है। साहब के सब जानकारी में होते हुए रक्षा बंधन से पहले राखी नाम की महिला का हक मारा गया। रक्षाबंधन पर इस महिला को संबल मिलना चाहिए।
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