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मां की आखिरी तस्वीर ही आंखों के सामने घूम रही है-बेटा
बाघ का शिकार हुई महिला के दोनों बेटे राहुल और रुपेश
जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर शिवाजी के हमले में जान गंवाने वाली सुगना देवी के परिवार का दर्द हर किसी को झकझोर रहा है। बुधवार सुबह वह छह अन्य महिलाओं के साथ घास काटने के लिए पार्क गई थीं, लेकिन कुछ ही देर बाद हुए हमले में उनकी मौत हो गई। सुगना देवी के पति शंभू दयाल ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले एक हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गए थे और अब ठीक से खड़े भी नहीं हो पाते। ऐसे में घर का पूरा खर्च उनकी पत्नी मजदूरी करके चलाती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की जान चली गई।
परिवार के दोनों बेटे भी गहरे सदमे में हैं। BSc की पढ़ाई कर रहे छोटे बेटे रूपेश ने कहा कि वह पढ़-लिखकर मां को गर्व महसूस कराना चाहता था, लेकिन अब उनका सबसे बड़ा सहारा ही छिन गया। हादसे की प्रत्यक्षदर्शी अन्य महिलाएं भी अब तक सहमी हुई हैं। परिवार का कहना है कि बुधवार सुबह घर से निकलती मां की आखिरी तस्वीर बार-बार आंखों के सामने आ रही है और अब उनके बिना जिंदगी की कल्पना करना भी मुश्किल हो गया है।