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सौदे की पूरी रकम नहीं मिली तो खुद ही रच दी नाबालिग बेटी के अपहरण की झूठी कहानी
पुलिस ने किया खुलासा, चार गिरफ्तार
रुपयों के लिए एक मां ने अपनी नाबालिग बेटी को ही बेच डाला। दो लाख रुपए में सौदा किया, डेढ लाख रुपए नहीं मिले तो खुद मां ने ही बेटी के अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने मामले की तक तक पहुंची और पड़ताल करते हुए लड़की मां सहित इस कांड में शामिल कुल चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। नाबालिक लड़की को भी मुज्जफरनगर यूपी से बरामद कर लिया।
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र कुमार डोबाल ने बताया कि 5 जुलाई को नागल हटनाला, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून निवासी एक महिला ने अपनी नाबालिक बेटी के अपहरण की रिपोर्ट थाना राजपुर में पर दी। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए नाबालिग की सकुशल बरामदगी तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए थाना राजपुर पर पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरो के अवलोकन के साथ-साथ मैनुअल पुलिसिंग से अपहृत नााबालिग के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई। लड़की के मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में होने की जानकारी मिली। जिस पर तत्काल एक टीम को मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश रवाना किया गया। दूसरी तरफ पुलिस टीम द्वारा गोपनीय रूप से जानकारियां प्राप्त करते हुए नाबालिग युवती के अपहरण में शामिल 2 अभियुक्तो मनीष पुत्र राजकुमार व लवी कुमार पुत्र बिल्लू को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से नाबालिग युवती को बरामद किया गया।
मां से डेढ लाख में खरीदकर 2 लाख में आगे सौदा
अभियुक्तों से सख्ती से पूछताछ करने पर अभियुक्त लवी कुमार द्वारा पिंकी मलिक नाम की एक महिला के माध्यम से उक्त नाबालिग को उसकी मां नीलम से डेढ लाख रूपये में खरीदना बताया गया, जिसे उसने ₹ 2 लाख में अभियुक्त मनीष को बेचा था, जिसने विवाह के लिए लवी कुमार से उक्त युवती को खरीदा था। अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर प्रकाश में आए अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना में शामिल अभियुक्ता पिंकी मलिक को मुजफ्फरनगर तथा अभियुक्ता नीलम देवी को आई0टी0 पार्क सहस्त्रधारा रोड से गिरफ्तार किया गया। विवेचना में दौरान प्रकाश में आये तथ्यों के आधार पर अभियोग में धारा 64, 3(5), 65(1),87, 143 बीएनएस व 5(एल)/6, 16/17 पोक्सो अधिनियम की बढ़ोतरी की गई।
शादी में मिली महिला से कर दिया सौदा
पूछताछ में अभियुक्ता नीलम देवी द्वारा बताया गया कि पिंकी मलिक से उसकी मुलाकात कुछ समय पूर्व देहरादून में एक समारोह के दौरान हुई थी तथा आपसी बातचीत के दौरान पिंकी मलिक द्वारा उसे एक युवती की आवश्यकता होने तथा उसके एवज में अच्छा पैसा देने की पेशकश की गई थी, जिस पर अभियुक्ता द्वारा उसे अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने की बात बताते हुए अपनी नाबालिग पुत्री उम्र 15 वर्ष को उसे देने तथा उसके एवज में डेढ लाख रूपये की मांग की गई थी।
बेटी को बेच दिया, रकम भी पूरी नहीं मिली
सौदा तय होने पर पिंकी मलिक द्वारा उक्त युवती को अपनी पहचान के एक व्यक्ति लवि कुमार निवासी मुजफ्फरनगर को तथा लवि कुमार द्वारा उसे आगे मनीष नाम के एक व्यक्ति को 2 लाख रूपये में बेच दिया तथा प्राप्त रकम में से 80 हजार रूपये अभियुक्ता नीलम देवी को देते हुए शेष पैसा कुछ समय बाद देने की बात कही गई। तय समय के बाद भी सौदे की पूरी रकम न मिलने व नाबालिग को बेचने के अपराध में पकडे जाने के डर से अभियुक्ता नीलम देवी द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की झूठी कहानी गढते हुए पुलिस में एक झूठी रिर्पोट दी गई।
नाबालिग की खरीद-फरोख्त का खुलासा
परन्तु पुलिस द्वारा सम्पूर्ण प्रकरण की गहनता से जांच कर घटना से जुडी हर कडी को जोडते हुए नाबालिग की खरीद-फरोख्त के प्रकरण का खुलासा कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
प्रकरण में पुलिस द्वारा घटना में शामिल सभी अभियुक्तों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अभियुक्तों के पूर्व में भी इस प्रकार के प्रकरणों से जुडे होने सहित अन्य सभी सम्भावित पहलुओं के संबंध मे विरूतृत जानकारी की जा रही है।
मां सहित चार आरोपी गिरफ्तार
1- मनीष पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम घटायन थाना जानसठ जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, उम्र- 37 वर्ष
2- लवी कुमार पुत्र बिल्लू निवासी नागौरी थाना फलावदा जनपद मेरठ उत्तर प्रदेश, उम्र - 24 वर्ष
3- पिंकी मलिक पत्नी सुकरम निवासी ग्राम कुकड़ा मंडी, थाना नई मंडी, जनपद मुजफ्फरनगर, उम्र- 37 वर्ष
4- नीलम देवी पत्नी मुकेश कुमार निवासी-नांगल हटनाला सहस्त्रधारा रोड, देहरादून, उम्र उम्र 35 वर्ष।
गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम
1- SI पीडी भट्ट, थानाध्यक्ष राजपुर
2- SI अनित कुमार
3- महिला SI सीमा चौहान (विवेचक)
4- कांस्टेबल मोहित
6- कांस्टेबल अमित
7- हेडकांस्टेबल किरण (एसओजी )
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