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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 87 मिनट में पेश किया विकसित भारत के लिए युवा शक्ति-संचालित बजट
कर्त्तव्य भवन के बाहर वित्त मंत्री आम बजट 2026-27 के साथ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। उन्होंने 87 मिनट (11 बजे से 12:27 बजे तक) के बजट भाषण में माघ पूर्णिमा के शुभ दिन और संत रविदास जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि कर्त्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट है। उन्होंने इस बजट को 3 कर्त्तव्यों से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि देश ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में निर्णायक और निरंतर अनिश्चितता पर कार्रवाई करते हुए अपने बयानों से लेकर बयानबाजी सुधार और लोकप्रियता के माहौल के बीच जनता को पहली प्राथमिकता दी है। व्यापक संरचनात्मक सुधारों, राजकोषीय विवेक और मौद्रिक स्थिरता को आगे बढ़ाने के साथ ही साथ ही पब्लिक इनवेस्टमेंट पर भी जोर दिया है।
बजट में तीन कर्त्तव्यों का समावेश
निर्मला सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक सिद्धांत मानते हुए, हमने घरेलू
विनिर्माण क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा का निर्माण किया है और महत्वपूर्ण आयात पर निर्भरता को कम किया है।साथ ही, यह सुनिश्चित किया है कि सरकार की हर कार्रवाई से नागरिकों को लाभ मिले, और इसके लिए रोजगार पैदा करना, कृषि उत्पादकता, घरेलू खरीदने की
शक्ति और लोगों को सार्वभौमिक सेवाएं देने जैसे सुधार किए हैं।
7% की ग्रोथ रेट का जिक्र किया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सुधारात्मक उपायों से देश ने करीब 7% की उच्च विकास दर (हाई ग्रोथ रेट) हासिल की है। जिससे गरीबी कम करने और अपने लोगों के जीवन में सुधार करने में काफी मदद मिली है।
विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से कदम बढ़ाता रहेगा
वित्त मंत्री ने कहा कि हम बाहरी माहौल का सामना कर रहे हैं जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में हैं और संसाधनों और सप्लाई चेन तक पहुंच बाधित है। इसके बावजूद भारत विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से कदम बढ़ाता रहेगा। नई टेक्नोलॉजी उत्पादन प्रणालियों को बदल रही हैं। जबकि पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत महत्वाकांक्षा और समावेश के बीच संतुलन बनाए रखेगा। बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में, बढ़ते व्यापार और पूंजी की जरूरतों के साथ, भारत वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ा रहने के लिए अधिक निर्यात और स्थिर दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने बजट भाषण में उनका आभार व्यक्त किया जो मजबूती से साथ खड़े हैं। जिनके साथ मिलकर भारत दुनिया की सबसे बड़ी
अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
विकास का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे
निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारा लक्ष्य आकांक्षाओं को उपलब्धि में और क्षमता को प्रदर्शन में बदलना है, यह सुनिश्चित करते हुए कि विकास का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति,
अनुसूचित जनजाति, खानाबदोश, युवाओं, गरीबों और महिलाओं तक पहुंचे। विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 में प्रधानमंत्री के साथ कई नवाचारी विचार साझा किए गए, जिन्होंने कई प्रस्तावों को प्रेरित किया है, जिससे यह बजट एक अनोखा युवा शक्ति-संचालित बजट बन गया है।
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