सरकार से MOU के लिए CMHO ने मांगी 2.75 लाख बंधी, ACB में FIR दर्ज
सीएमएचओ प्रतापगढ जीवराज मीणा अपने ऑफिस के संविदाकर्मी के जरिए दो अस्पतालाें पर मासिक बंधी के लिए बना रहे थे दबाव
एसीबी में दर्ज हुए चर्चित केस
एसीबी राजस्थान ने प्रतापगढ के सीएचएचओ जीवराज मीणा और उनके ऑफिस के संविदाकर्मी के खिलाफ 2.75 लाख रुपए की रिश्वत मांगने की FIR दर्ज की है। एक निजी अस्पताल संचालन व सोनोग्राफी, MAA आयुष्मान योजना के MOU के लिये रिश्वत मांगी जा रही थी। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बी.एन.एस की धाराओं में केस दर्ज किया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कि ए.सी. बी. की चौकी प्रतापगढ़ पर 3 जनवरी 2026 को एक शिकायत मिली कि जीवराज मीणा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी प्रतापगढ व महेश पाटीदार संविदाकर्मी कार्यालय चिकित्सा एंव स्वास्थ अधिकारी प्रतापगढ के विरूद्ध परिवादी द्वारा निजी चिकित्सालय एसएस हॉस्पिटल प्रतापगढ़ व धरियावद के हॉस्पिटल के संचालन, सोनोग्राफी, MAA आयुष्मान योजना के MOU पर हस्ताक्षर करने के बदले मासिक बंधी के रूप में 2.75 लाख रुपए रिश्वत मांग की जा रही है।
रिश्वत की मांग का गोपनीय सत्यापन
इस पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के DIG डॉ. रामेश्वर सिह के सुपरविजन में एस.सी.बी. प्रतापगढ के एडिशनल एसपी विक्रम सिंह के नेतृत्व मे रिश्वत राशी मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के दौरान जीवराज मीणा, मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ अधिकारी प्रतापगढ व महेश पाटीदार संविदाकर्मी कार्यालय चिकित्सा एंव स्वास्थ अधिकारी प्रतापगढ के विरूद्ध परिवादी से हॉस्पिटल के संचालन, सोनोग्राफी, MAA आयुष्मान योजना के MOU पर हस्ताक्षर करने एवं मासिक बंदी के एवज मे रिश्वत राशी मांग किया जाना पाया गया।
पहले खबरें छपी तो सतर्क हो गया था
ए.सी.बी. मे रिपोर्ट दिये जाने से पहले आरोपी ने परिवादी से पहले की घटनाओं को लेकर अनुचित लाभ प्राप्त करने की खबरें समाचार पत्रों में प्रकाशित हो जाने से आरोपी के सतर्क हो गया था। तब अग्रिम कार्रवाई नहीं हो सकी थी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में अग्रिम अनुसंधान एंव अन्य वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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