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Saturday, 31 October 2026

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जयपुर में विधायक को पुलिस ने नगर निगम में घुसने से रोका!

आदर्श नगर विधायक ने लगाया पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप, कहा भाजपा के हारे हुए लोग भी अंदर थे, मुझे जबरन रोका गया

कांग्रेस विधायक के गंभीर आरोप

कांग्रेस विधायक के गंभीर आरोप

जयपुर नगर निगम में महापौर (मेयर) के चुनाव के दौरान राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक एवं आदर्श नगर विधायक रफीक खान ने नगर निगम परिसर में प्रवेश करने से रोके जाने के आरोप लगाए हैं। इसके विरोध में विधायक रफीक खान ने मौके पर ही धरना देकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। रफीक खान ने कहा कि वे राजस्थान विधानसभा के निर्वाचित विधायक होने के साथ-साथ जयपुर शहर के विधायक और नगर निगम के एक्स-ऑफिशियो मेंबर हैं। ऐसे में नगर निगम में प्रवेश करने से उन्हें रोकना उनके विशेषाधिकारों और लोकतांत्रिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।

पुलिसकर्मियों ने की मैनहैंडलिंग 

रफीक खान ने आरोप लगाया कि नगर निगम के गेट पर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मैनहैंडलिंग की और उन्हें अंदर जाने से रोका।रफीक खान ने कहा कि जब वे एक निर्वाचित विधायक और नगर निगम के एक्स-ऑफिशियो सदस्य हैं, तो आखिर किस अधिकार के तहत पुलिस ने उन्हें निगम परिसर में प्रवेश करने से रोका? रफीक खान ने कहा कि सबसे गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि जब उन्हें बाहर रोका जा रहा था, उस समय भाजपा से जुड़े कई लोग निगम परिसर के अंदर मौजूद थे। उन्होंने नाम लेते हुए कहा कि रवि नय्यर, जो आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के हारे हुए प्रत्याशी रह चुके हैं, तथा मोहनलाल गुप्ता, पूर्व विधायक, सहित भाजपा से जुड़े अन्य कई लोग निगम परिसर के अंदर मौजूद थे।

भाजपा के लोग निगम परिसर में मौजूद

रफीक ने आराेप लगाया कि जिस समय वे नगर निगम पहुंचे थ्कथे, ग्रेस के केवल दो लोग उस समय अंदर थे, जबकि भाजपा के 8 से 10 लोग निगम परिसर में मौजूद थे और मतदान स्थल के आसपास घूम रहे थे। न केवल अंदर बल्कि जहाँ वोट डाले जा रहे थे वहाँ भी चले गए व वोटर्स को प्रभावित किया गया ,उन्होंने आरोप लगाया कि वे पार्षदों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में सवाल यह है कि पुलिस और प्रशासन ने इन लोगों को अंदर जाने की अनुमति किस आधार पर दी और एक निर्वाचित विधायक को ही प्रवेश से क्यों रोका गया?

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निष्पक्षता पर गंभीर सवाल

रफीक खान ने कहा कि निगम में वोटिंग के दौरान भाजपा से जुड़े अनाधिकृत लोगों को अंदर जाने देना और कांग्रेस के निर्वाचित विधायक को बाहर रोक देना, यह पूरी व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। रफीक खान ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस भाजपा सरकार के दबाव और इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में इस प्रकार का पक्षपातपूर्ण व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाएगा

उन्होंने मौके पर ही स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा उनके साथ किए गए व्यवहार और निर्वाचित विधायक के विशेषाधिकारों के उल्लंघन के मामले को वे राजस्थान विधानसभा में उठाएंगे। श्री रफीक खान ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विधानसभा में Privilege Motion (विशेषाधिकार प्रस्ताव) लाया जाएगा और यह जवाब मांगा जाएगा कि एक निर्वाचित विधायक के संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकार को क्यों बाधित किया गया? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की कथित तानाशाही प्रवृत्ति और प्रशासनिक मशीनरी के राजनीतिक इस्तेमाल के खिलाफ कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए इस मामले को विधानसभा से लेकर हर लोकतांत्रिक मंच तक उठाया जाएगा।

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