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रतलाम पुलिस ने मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार से पकड़े 10 साइबर ठग
डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी करने वाले गिरफ्तार
रतलाम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी के एक बडे प्रकरण का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय साइबर गिरोह पर कड़ा एक्शन लिया है। पिछले दिनों 1.34 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले 10 ठगों को पकड़ा है। इनमें एक नाबालिग है। इस गिरोह ने एक व्यक्ति के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल कर स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए फरियादी को गंभीर आरोपों में फंसाने का भय दिखाया। उसे डिजिटल अरेस्ट रखकर 18 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच आरोपियों ने फरियादी की संपत्ति एवं बैंक खातों की जानकारी लेकर ब्लैकमेल करते हुए कुल 1 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपये भय एवं छल के माध्यम से प्राप्त कर लिए। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह को दबोच लिया।
मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया था
डिजिटल अरेस्ट करने वाले गिरोह ने फरियादी को कहा था कि उनके नाम से जारी सिम का उपयोग एक बड़े फ्रॉड में हुआ है। मुंबई स्थित केनरा बैंक में लगभग 247 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। इन बैंक खाते में फरियादी का आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज लगे हुए हैं। फरियादी द्वारा किसी भी प्रकार की जानकारी से इनकार करने पर उसे गिरफ्तारी वारंट जारी होने और तत्काल गिरफ्तारी का भय दिखाया गया। इसके बाद व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फरियादी को मानसिक दबाव बनाकर आधार कार्ड एवं अन्य निजी दस्तावेज प्राप्त किए गए। फरियादी के मोबाइल में Signal App इंस्टॉल करवाया गया। वीडियो कॉल के दौरान न्यायालय जैसा सेटअप, जज, वकील एवं गवाहों का नाटकीय दृश्य दिखाकर उसे “डिजिटल अरेस्ट” की स्थिति में रखकर 1 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए।
थाना डीडीनगर में दर्ज हुई थी FIR
इस घटना की गंभीरता के दृष्टिगत सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ई एफआईआर दर्ज की गई। थाना डीडी नगर पर धारा 318(4), 319(2), 308, BNS धारा 66(सी) एवं 66(डी) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। एसपी के निर्देश में 18 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। इस जटिल एवं अंतरराज्यीय साइबर अपराध के सफल अनावरण में निम्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष भूमिका रही निरीक्षक अमित कोरी, निरीक्षक शंकर सिंह चौहान, SI अनुराग यादव, प्रवीण वास्कले, जीवन बरिया, प्रधान आरक्षक हिम्मत सिंह, मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक राहुल पाटीदार, तुषार सिसोदिया, मोर सिंह, विपुल भावसार, मयंक व्यास पावन जाट, सुनील, संजय कुशवाहा शामिल रहे।
अंतरराज्यीय कार्रवाई एवं 10 आरोपी गिरफ्तार
बिहार और गुजरात टीम भेजी गई
एक बैंक खाते में 14 लाख रुपये प्राप्त किए, जिन्हें आपसी सांठ-गांठ से अन्य चार खातों में लिया गया। एक NGO के बैंक खाते में 50 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन पाया गया। इन आरोपियों द्वारा ठगी गई राशि का उपयोग क्रिप्टो करेंसी की खरीदकर लगभग 5 लाख रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया। एक टीम बिहार रवाना की गई है, जहां अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गुजरात में भी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार माध्यमों का उपयोग कर संगठित रूप से धोखाधड़ी किए जाने पर प्रकरण में धारा 111 BNS का अतिरिक्त इजाफा किया गया है।
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