Saturday, 1 August 2026

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जल जीवन मिशन घोटाले में कॉल रिकॉर्डिंग से एसीबी ने पकड़ा करोड़ों का भ्रष्टाचार

महेश कुमार मित्तल और उसका बेटा हेमन्त मित्तल उर्फ गोलू भी निकले जेजेएम घोटाले में बड़े खिलाड़ा

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गणपति ट्यूबवैल कंपनी मालिक पिता-पुत्र समेत पांच गिरफ्तार

जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले की जांच के लिए ACB मे गठित SIT ने आरोपियों और उनके परिचितों की टेलीफोनिक वार्ता Phone calls रिकॉर्ड कर सुनी ताे करोड़ों का भ्रष्टाचार पकड़ में आ गया। JJM घोटोल में 17 दिसंबर बुधवार को एसीबी राजस्थान की एसआईटी ने पांच अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनमें महेश कुमार मित्तल (प्रोपराइटर-श्री गणपति ट्यूबवेल) उसका बेटा हेमन्त मित्तल उर्फ गोलू उमेश कुमार शर्मा, मैनेजर / लाइजनिंग ऑफिसर (श्याम ट्यूबवेल), गोपाल कुमावत तत्कालीन लेखाधिकारी, पीएचईडी, और पीयूष जैन पुत्र पदम चन्द जैन (प्रोपराइटर-श्याम ट्यूबेल) को गिरफ्तार किया है एसीबी में दर्ज FIR नम्बर 215/23 में पदम चन्द जैन (प्रोपराइटर श्याम ट्यूबेल) व महेश कुमार मित्तल (प्रोपराइटर गणपति ट्यूबेल) माया लाल सैनी, पीएचईडी के अधिशाषी अभियंता, खंड बहरोड, राकेश चौहान सहायक अभियंता, उपखण्ड नीमराना व प्रदीप कुमार कनिष्ठ अभियंता, उपखण्ड नीमराना पर मिलीभगत कर JJM में घोटाले के आरोप हैं।

एसीबी द्वारा पूर्व में भी 6 व्यक्तियों को जल जीवन मिशन की एसीबी की कार्यवाही के तहत औचक निरिक्षण किया गया था। जिनके विरूद्ध बाद अनुसंधान न्यायालय में चालान पेश किया गया। शेष रहे फरार आरोपियों महेश कुमार मित्तल, हेमन्त मित्तल उर्फ गोलू, उमेश कुमार शर्मा, गोपाल कुमावत और पीयूष जैन को गिरफ्तार किया है इन सभी ने पूर्व में पीएचईडी अधिकारियों से बात कर 2 लाख बीस हजार रूपये रिश्वत राशि का लेन-देन किया था एवं राजकोष से यह राशि प्राप्त की थी।  एसीबी के डीजी गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ए.सी.बी. द्वारा जल जीवन मिशन के सभी मामलों को त्वरित अनुसंधान कर व उक्त मामलें में सभी मुलजिमों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश करने हेतु श्री महावीर सिंह राणावत, पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया गया है। जिसमे अति. पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुलदीप, भूपेन्द्र, महावीर प्रसाद शर्मा शामिल कर तुरन्त निस्तारण की कार्यवाही करते हुए समस्त ट्रॉन्सक्रिप्ट वार्ताओं, एफएसएल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण गहनता पूर्वक किया गया है। निविदा संख्या 15/21-22 व 33/21-22 प्राप्तकर्ता फर्म मैसर्स श्रीगणपति ट्यूबेल एवं श्रीश्याम ट्यूबेल के प्रोपराइटर्स एवं पीएचइडी विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत कर प्राप्त किया था। इन्होंने कार्य में अनियमितता व घटिया कार्य कर मनमानी तरीके से मेजरमेन्ट बुक भरकर राजकोष से करोड़ों रूपये प्राप्त किये। इन सभी लोगों की आपसी टेलीफोनिक वार्ता Phone calls एसीबी द्वारा रिकॉर्ड की गई थी। जिसमें इनकी मिलीभगत होने के साक्ष्य मिले है और इनके द्वारा राजकोष से अनियमितता कर राशि प्राप्त कर व विभागीय अधिकारियों को रिश्वत देकर अनुचित निजी लाभ कमाया गया है।

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