Thursday, 16 April 2026

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चमोली तक तो ट्रेन नहीं जाती, फिर भी एक्सीडेंट हो गया

उत्तराखंड के चमोली जिले में बन रही जल विद्युत परियाेजना की सुरंग में मजदूर और माल लाने वाली ट्रॉली ट्रेनें आपस में टकराई, 109 श्रमिक सवार थे, 61 को चाेटें आई

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चमोली के विष्णुगाड़-पीपलकोटी THDC हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट साइट पर एक्सीडेंट

उत्तराखंड के चमाेली में मंगलवार रात THDC के विष्णुगाड़-पीपल कोटी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट साइट पर टीबीएम मशीन से खोदी जा रही सुरंग में माल और मजदूरों को ढोने के काम आ रही दो ट्रॉली ट्रेन आपस में टकरा गई। एक ट्रेन अंदर से आ रही दूसरी ट्रेन सुंरग के अंदर जा रही थी। जहां क्रॉसिंग होना था, वहां अंदर से आ रही ट्रेन के ब्रेक नहीं लगे और दोनों लोको ट्रेन में आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे के समय दोनों ट्रेनों में चालक, सहायक, इंजीनियर, मजदूर मिलाकर करीब 109 लोग सवार थे। दोनों ट्रेन टकराने से लगे झटके में इनमें से करीब 66 से अधिक लोग घायल हो गए। हालांकि इन ट्रॉली ट्रेनों की स्पीड काफी कम होती है, ऐसे में इस हादसे में जान का नुकसान नहीं हुआ लेकिन कई लोगों को गंभीर चोट और फ्रेक्चर हुए हैं। 

विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना साइट पर हादसा

यह हादसा चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारर्पोरेशन (THDC)की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के साइट हुआ। निर्माणाधीन सुरंग में कर्मचारियों, श्रमिकों के आवागमन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दो ट्रालियां आपस में टकराकर पलट गईं। इन ट्रालियों को सुरंग के अंदर लोहे की पटरी में संचालित किया जाता है। हादसे के वक्त ट्राॅली ट्रेनों में 109 इंजीनियर, कर्मचारी और श्रमिक लोग सवार थे। अधिकतर अपनी शिफ्ट खत्म कर लौट रहे थे। घायलों को जिला अस्पताल गोपेश्वर और विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में भर्ती कराया गया है। अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। दो घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 

ट्रॉली ट्रेन के ब्रेक नहीं लगने से हो गया हादसा

घायलों में अधिकतर लोग बिहार, ओडिश और झारखंड के रहने वाले हैं। हादसे का प्रारंभिक कारण सामान लाने वाली प्रोजेक्ट की लोकल ट्राॅली ट्रेन के ब्रेक फेल होना माना जा रहा है। सुरंग के अंदर दोनों ट्रॉली ट्रेन टकरा गई। यह ट्रेनें हाइड्रो प्रोजेक्ट (पानी से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट) के काम के लिए खुद के स्तर पर तैयार कर लगाई गई थी। जिस तरह कोयला खनन व अन्य खनन कार्यों में ट्रॉली ट्रेन चलाई जाती है, यह भी उसकी तरह की ट्रॉली ट्रेन थी। हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं SP सुरजीत सिंह पंवार तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। घायलों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना। 

मुख्यमंत्री ने ली हालात की जानकारी

चमोली जनपद के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम साइट पर मंगलवार को शिफ्ट परिवर्तन के दौरान सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई, घटना के समय 109 श्रमिक सुरंग के भीतर मौजूद थे। घटना की जानकारी प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी चमोली से दूरभाष पर वार्ता कर घटना की पूरी जानकारी ली और सभी घायलों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने और आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सालयों में रेफर करने के निर्देश दिए। इस हादसे का भारतीय रेल से कोई कनेक्शन नहीं है। ये सुरंग में चलने वाली ट्रॉली ट्रेन थी।

टनल खुदाई में शिफ्ट चेंजओवर के समय हादसा

चमोली जिले के विष्णुगाड़-पीपलकोटी में अलकनंदा नदी पर टीएचडीसी के हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए करीब 14 किलोमीटर लंबी की एक सुरंग बनाई जा रही है। टीबीएम मशीन से सुरंग बनाई जा रही है। इस सुरंग के अंदर लोको ट्रेन चलती हैं। इन्हीं ट्रेनों से सामान और मजूदरों की आवाजाही होती है। मंगलवार रात को शिफ्ट ओवर चेंज के समय एक ट्रेन बाहर से मजदूरों को लेकर सुरंग के अंदर जा रही थी। अंदर से एक खाली लोको ट्रेन बाहर आ रही थी। दोनों ट्रेन में कुल मिलाकर 109 मजदूर, इंजीनियर व अन्य लोग सवार थे। हादसे में करीब 60 लोग इंजर्ड हुए। जिनमें से कुछ को गंभीर और कुछ को सामान्य चोटें आई हैं। 

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साढ़े 7 किमी की सुरंग बन चुकी, ढाई किमी अंदर हादसा

एक ट्रेन अंदर से 5 किलोमीटर अंदर से आ चुकी थी। दूसरी ट्रेन बाहर से अंदर जा रही थी। वह करीब ढाई किलोमीटर पहुंच गई थी।अामने सामने आ रही दोनों ट्रेने भिड़ गई। प्रथम दृष्टया यह कहा जा रहा है कि अंदर से आ रही माल वाहन ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम में प्राब्लम की वजह से दोनों ट्रेन टकरा गई और हादसा हो गया। THDC प्रोजेक्ट की सुरक्षा सीआईएसएफ के जिम्मे रहती है।

चमोली में ट्रेन हादसा, सुनकर लोग चौंक गए!

दरअसल उत्तराखंड में रेल मार्ग अभी सिर्फ ऋषिकेश तक हैै भारतीय रेलवे की ट्रेन यहीं तक चलती है। कर्णप्रयाग तक रेल लाइन बिछाई जा रही है। चमाेली में ट्रेन हादसा सुनकर लोग चौंक गए। असल में ये हादसा प्राजेक्ट साइट की ट्रॉली ट्रेन टकराने का है। एक ट्रॉली ट्रेन में सवार होकर मजदूर व इंजीनियर टेक्निशियन शिफ्ट चेंजओवर के समय टनल के अंदर जा रहे थे। मौजूद थे। अंदर से दूसरी ट्रेन बाहर लायी जा रही थी। सुरंग के अंदर हादसा हुआ।

टनल बोरिंग मशीन साइट पर चलने वाली दो ट्रॉली ट्रेन

चमोली के विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियाेजना में सुरंग निर्माण का काम चल रहा है। टीबीएम साइट पर दो ट्रॉली ट्रेन चल रही थी। करीब साढ़े 7 किमी तक बन चुकी सुरंग के अंदर मंगलवार रात करीब सवा 9 बजे हादसा हुआ। पीपल कोटी विष्णुगाड में THDC की 448 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना के लिए 13 किलोमीटर की सुरंग बन रही है। वहां तक अन्य संसाधनों से पहुंच कर सभी को बाहर लाकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।


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