Tuesday, 15 September 2026

Home / Sports /

pushkar-an-opening-b...

केन्या में चमका भारत का बेटा, खाटूश्यामजी आए क्रिकेटर पुष्कर शर्मा

खाटू श्यामजी मंदिर दर्शन करने आए केन्या टीम के ओपनर बल्लेबाज भारत निवासी पुष्कर से खास बातचीत

News Image

मुंबई से केन्या तक का सफर…

सपने बड़े हों तो रास्ते में आने वाली मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं। क्रिकेटर पुष्कर शर्मा की कहानी संघर्ष और जुनून की मिसाल है। पिता को कैंसर के कारण खोने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ीं और मुंबई में क्रिकेट का सफर भी उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ा। इसके बावजूद पुष्कर ने क्रिकेट से नाता नहीं तोड़ा और आखिरकार केन्या पहुंचकर अपनी पहचान बनाई। पुष्कर केन्या टीम के स्टार ओपनर बल्लेबाज़ है । 

पुष्कर ने कम उम्र में ही क्रिकेट को अपना लक्ष्य बना लिया था। मुंबई की U-16 टीम में उन्होंने यशस्वी जायसवाल, अर्जुन तेंदुलकर और पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ियों के साथ खेला और टीम की कप्तानी भी संभाली।

पिता की कैंसर से मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। आर्थिक हालात बिगड़े तो क्रिकेट छोड़कर नौकरी करने का फैसला भी करना पड़ा। उन्होंने फर्स्ट इंश्योरेंस कंपनी में नौकरी की, लेकिन क्रिकेट के प्रति जुनून कम नहीं हुआ।

खबरों की अविरल धारा

18 साल की उम्र में पुष्कर क्रिकेट किट लेकर केन्या चले गए। वहां नौकरी के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया और शानदार प्रदर्शन के दम पर आगे बढ़ते गए। नेरोबी लीग में उन्होंने 14 मैचों में 841 रन और चार शतक लगाए। इसके बाद 154 गेंदों पर 173 रन की पारी ने उन्हें केन्या क्रिकेट में खास पहचान दिलाई।

अब पुष्कर का अगला सपना आईपीएल में खेलना और टीम इंडिया की जर्सी पहनना है। मुंबई में सचिन तेंदुलकर और से क्रिकेट की बारीकियां सीख चुके पुष्कर अपने इस सपने को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें
×