Saturday, 1 August 2026

Home / Duniya /

ipl-2026-rcb-became-...

IPL 2026: RCB लगातार दूसरी बार बनी चैंपियन

18 साल का इंतजार, फिर लगातार दो ट्रॉफी

News Image

RCB ने IPL में अपनी किस्मत ही नहीं, पूरी कहानी बदल दी

कभी IPL की सबसे बदकिस्मत टीमों में गिनी जाने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) अब सफलता की नई मिसाल बन चुकी है। 18 साल तक ट्रॉफी के लिए तरसने वाली टीम ने अब लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर अपनी पहचान ही बदल दी है। अहमदाबाद में खेले गए IPL 2026 के फाइनल में RCB ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। 

पाटीदार खास कप्तानों की सूची में

RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली। लगातार दो IPL खिताब जीतने वाले कप्तानों की सूची में अब उनका नाम भी शामिल हो गया है। इससे पहले केवल महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा ही यह कारनामा कर पाए थे। 

पूरी टीम बनी जीत की वजह

इस सीजन RCB की सबसे बड़ी ताकत उसका संतुलन रहा। टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं दिखी। बल्लेबाजी में विराट कोहली, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ने लगातार रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलाम और जोश हेजलवुड ने विपक्षी टीमों पर दबाव बनाए रखा। टीम की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे टूर्नामेंट में RCB के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच बने। यही वजह रही कि किसी एक खिलाड़ी के फ्लॉप होने पर भी टीम की रफ्तार नहीं रुकी।

विराट बने रन मशीन, फाइनल में खेली चैंपियन वाली पारी

RCB के लिए इस सीजन सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज विराट कोहली रहे। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में उन्होंने नाबाद 75 रन बनाकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। पूरे सीजन में कोहली ने 16 मैचों में 675 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 165 से ज्यादा रहा और उन्होंने एक शतक के साथ पांच अर्धशतक भी लगाए। फाइनल में भी उन्होंने अपनी क्लास दिखाते हुए लक्ष्य का पीछा आसान बना दिया। 

टॉप ऑर्डर ने रखा जीत का मजबूत आधार

कप्तान रजत पाटीदार ने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक बल्लेबाजी की और 500 से ज्यादा रन बनाए। वहीं देवदत्त पडिक्कल ने भी लगातार उपयोगी पारियां खेलीं। इन तीनों बल्लेबाजों ने मिलकर 1600 से ज्यादा रन बनाए और RCB की बल्लेबाजी को सबसे मजबूत यूनिट में बदल दिया। इसके अलावा वेंकटेश अय्यर ने भी जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाकर टीम को मजबूती दी। फाइनल में उनकी 16 गेंदों पर 32 रन की पारी ने मैच को पूरी तरह RCB के पक्ष में मोड़ दिया।

अंडर अचीवर से चैंपियन टीम तक का सफर

RCB को वर्षों तक "टैलेंटेड लेकिन ट्रॉफी नहीं जीतने वाली टीम" कहा जाता था। लेकिन पिछले दो सीजन में टीम ने यह टैग पूरी तरह मिटा दिया है। मजबूत टीम संस्कृति, कई मैच विनर खिलाड़ियों और सामूहिक प्रदर्शन के दम पर बेंगलुरु अब IPL की नई ताकत बनकर उभरी है। लगातार दो खिताब जीतने के बाद अब उसकी नजर इतिहास रचते हुए तीसरी ट्रॉफी पर होगी। 



यह भी पढ़ें
×