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महावीर जी मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा
राजस्थान के करौली स्थित प्रसिद्ध श्री महावीर जी जैन मंदिर के प्रबंधन और संचालन को लेकर श्वेतांबर और दिगंबर संप्रदाय के बीच चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने फैसला सुरक्षित रखते हुए दोनों पक्षों को 8 दिन के भीतर अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पक्षों से संयम बरतने और विवाद को समाप्त करने की अपील की। जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि यह मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा बेहद नाजुक मुद्दा है और ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए, जिससे किसी भी पक्ष की आस्था प्रभावित हो। आप भगवान को परेशान क्यों कर रहे हैं? इस धरती पर अवतरित सबसे महान संतों में से एक के नाम पर यह अनावश्यक मुकदमेबाजी क्यों?
ऐसे शुरू हुआ था विवाद
यह मामला राजस्थान सार्वजनिक ट्रस्ट अधिनियम, 1959 की धारा 40 के तहत दायर आवेदन से शुरू हुआ था। इसमें मंदिर का प्रबंधन संभाल रही प्रबंधकारिणी कमेटी दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी के अध्यक्ष और सचिव को हटाने की मांग की गई थी। साथ ही श्वेतांबर संप्रदाय की नई प्रबंधन समिति गठित करने की मांग रखी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दोनों पक्षों की नजर है।
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