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शहीद स्मारक पर जुटे प्रदेशभर के हजारों ठेकेदार, जीरो बिलिंग के बाद दुकानें बंद करने की चेतावनी
शराब ठेकेदारों ने शक्ति प्रदर्शन
राजस्थान की आबकारी नीति और शराब कारोबार से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर लिकर कॉन्ट्रैक्टर यूनियन के आह्वान पर प्रदेशभर के हजारों शराब ठेकेदारों ने शक्ति प्रदर्शन किया। जनसभा को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पंकज धनखड़ ने सरकार की आबकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तत्काल सुधार की मांग की।
10 वर्षों में शराब की मात्रा 250 गुना बढ़ने का दावा
धनखड़ ने आरोप लगाया कि सरकार नियम विरुद्ध शराब की गारंटी बढ़ाकर प्रदेश को शराब के दलदल में धकेल रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में शराब की मात्रा करीब 250 गुना बढ़ चुकी है। उनके अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बिक्री निर्धारित समय में कर पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
रात 11 बजे तक दुकानें खोलने की मांग
धनखड़ ने कहा कि मौजूदा समय सीमा के कारण ठेकेदारों पर गारंटी पूरी करने का दबाव बना रहता है। उन्होंने शराब दुकानों का संचालन समय बढ़ाकर रात 11 बजे तक करने की मांग की। उनका कहना था कि जब दुकानदारों पर निर्धारित गारंटी पूरी करने का दबाव है तो बिक्री के लिए पर्याप्त समय भी दिया जाना चाहिए।
कंपनियों के दबाव और शराब उठाव पर राइडर का मुद्दा
यूनियन अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शराब कंपनियों के दबाव में ठेकेदारों को बाजार में कम मांग वाली शराब भी बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने शराब उठाव पर लगे सभी प्रकार के राइडर हटाने की मांग की। धनखड़ के अनुसार विभाग की ओर से हर महीने शराब उठाने का लक्ष्य दिया जाता है और लक्ष्य पूरा नहीं होने पर अगले महीने 150 प्रतिशत तक उठाव का दबाव बनाया जाता है।
मासिक की जगह त्रैमासिक गारंटी व्यवस्था
ठेकेदारों ने गारंटी व्यवस्था को मासिक के बजाय त्रैमासिक करने की मांग दोहराई। यूनियन का कहना है कि बिक्री पूरे साल एक समान नहीं रहती और अलग-अलग मौसम, त्योहारों तथा आयोजनों के कारण इसमें उतार-चढ़ाव होता है। ऐसे में त्रैमासिक व्यवस्था ठेकेदारों के लिए अधिक व्यावहारिक होगी।
जीरो बिलिंग के बाद दुकानें बंद करने की चेतावनी
धनखड़ ने कहा कि यदि सरकार ने ठेकेदारों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में जीरो बिलिंग की जाएगी। इसके बाद भी सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया तो प्रदेशभर में शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।
संयुक्त कमेटी बनाने का प्रस्ताव
यूनियन ने आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों और यूनियन पदाधिकारियों की संयुक्त कमेटी गठित करने की मांग की। धनखड़ ने कहा कि कमेटी के माध्यम से ठेकेदारों और विभाग के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
निकाय चुनाव में परिणाम भुगतने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान धनखड़ ने सरकार को राजनीतिक चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा सरकार ठेकेदारों की मांगों की अनदेखी करती है तो आने वाले निकाय चुनावों में इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने के लिए सरकार तैयार रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के ठेकेदार अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और सरकार के रुख के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
हजारों ठेकेदारों ने भाग लिया
प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों ठेकेदारों ने भाग लिया। यूनियन ने सरकार से टकराव की स्थिति पैदा करने के बजाय तत्काल वार्ता कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की। ठेकेदारों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और तेज किया जाएगा।
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