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एसओजी की अंडमान, कोलकाता, जालौर, कोटा एवं जयपुर से 10-10 हजार के ईनामी 5 डमी परीक्षार्थी गिरफ्तार किए
सेंकड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा में डमी बनकर बैठने वालों पर एक्शन
एसओजी राजस्थान ने सरकारी नौकरी व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में मूल अभ्यर्थी के स्थान पर डमी कैंडिडेट बनकर बैठने वाले पांच शातिरों को अरेस्ट किया है। अंडमान, कोलकाता, जालौर, कोटा एवं जयपुर में 6 स्थानों पर एक साथ 10-10 हजार रुपये के ईनामी 5 डमी परीक्षार्थी गिरफ्तार किए हैं।इनमें 3 MBBS स्टूडेंट एवं 2 सरकारी अध्यापक गिरफ्तार किए गए हैं। इस दौरान एक संदिग्ध MBBS स्टूडेंट को हिरासत में भी लिया गया है।
एसओजी के ADG विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 के अंतर्गत सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान तथा विज्ञान विषय की परीक्षा 24 दिसंबर 2022 को आयोजित की गई थी। सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण उक्त परीक्षा निरस्त कर 29 जनवरी 2023 को फिर से आयोजित की गई थी। इन परीक्षाओं में सार्वजनिक परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा डमी परीक्षार्थियों के माध्यम से परीक्षा उत्तीर्ण कर वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) पद पर धोखाधड़ीपूर्वक चयनित होने की शिकायत मिली थी।
14 अभ्यर्थियों के डमी बैठाकर पास होने की पुष्टि
प्राथमिक जांच उपरांत आयोग द्वारा 14 अभ्यर्थियों एवं अन्य संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध एसओजी में एफआईआर नंबर 38/2023 दर्ज कराई गई। तकनीकी एवं मैदानी अनुसंधान करते हुए एसओजी के जांच अधिकारी प्रकाश शर्मा, एडिशनल एसपी के नेतृत्व में अब से पहले इस केस में 12 मूल अभ्यर्थी, 3 डमी एवं 5 सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन आरोपियों समेत अब तक कुल 26 को एसओजी पकड़ चुकी।
बड़ी चुनौती थी फोटोग्राफ से डमी की पहचान करना
ADG बंसल ने बताया कि इस प्रकरण में सबसे बड़ी चुनौती केवल फोटोग्राफ के आधार पर डमी परीक्षार्थियों की पहचान करना था। IG शरत कविराज द्वारा अभिनव तकनीकी पहल करते हुए राज्य में वन-टाइम रजिस्ट्रेशन डाटाबेस के समानांतर एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कराया गया। जिसमें अभ्यर्थियों के फोटो एवं विवरण उपलब्ध थे। उक्त डाटाबेस के आधार पर संदिग्ध फोटोग्राफ का मिलान कर कई अभियुक्तों की पहचान सुनिश्चित की गई। DIG पुलिस परिस देशमुख द्वारा उन्नत तकनीकी विश्लेषण एवं सॉफ्टवेयर टूल्स के माध्यम से पहचान प्रक्रिया को सशक्त किया गया।अनुसंधान अधिकारी प्रकाश शर्मा द्वारा ग्राउंड लेवल पर मुखबिर तंत्र विकसित कर अभियुक्तों की वर्तमान लोकेशन एवं पहचान सुनिश्चित की गई।
पकड़े गए डमी कैंडिडटेट्स को जान लीजिए
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