जल जीवन मिशन घाेटाले में 9 ‘बागड़ बिल्ले’ गिरफ्तार
ACB में पूर्ववर्ती सरकार के मंत्री के खिलाफ दर्ज FIR में जिन PHED अफसरों के नाम, उनको किया गया गिरफ्तार
एसीबी ने सुबह-सुबह छापेमारी कर सबको दबोच लिया
राजस्थान के बहुचर्चित ‘जल जीवन मिशन’ (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार सुबह प्रदेशव्यापी स्ट्राइक करते हुए जलदाय विभाग से जुड़े 9 अफसरों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें कुछ रिटायर भी हो चुके हैं। जल जीवन मिशन घोटाले की जांच के लिए एसीबी में गठित SIT टीम ने भ्रष्टाचार की जड़ों को खोदने के लिए एक सा जयपुर, बाडमेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली एवं अन्य राज्यों में कार्यवाई करते हुए इनको गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के केंद्र में राजस्थान में पीएचईडी के सीनियर लेवल के अफसरों से लेकर उनके कई 'बागड़ बिल्ले' शामिल हैं। मिशन के दौरान हुए करोड़ों के फर्जीवाड़े की कड़ियां सीधे उच्च प्रशासनिक स्तर से जुड़ी हैं। पकड़े गए 9 आरोपियों में ज्यादातर PHED के सीनियर अफसर हैं।
ये 9 अफसर चढ़े एसीबी के हत्थे
- दिनेश गोयल हाल मुख्य अभियन्ता प्रशासन
- केडी गुप्ता हाल मुख्य अभियन्ता ग्रामीण,
- सुभांशु दीक्षित, तत्कालीन सचिव RWUS HMC हाल अति. मुख्य अभियन्ता, जयपुर-द्वितीय,
- सुशील शर्मा हाल वितीय सलाहकार अक्षय उर्जा,
- निरिल कुमार हाल मुख्य अभियन्ता चुरू,
- विशाल सक्सेना अधिशाषी अभियन्ता हाल निलम्बित,
- अरूण श्रीवास्तव अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता हाल सेवानिवृत,
- डी के गौड तत्कालीन मुख्य अभियन्ता व तकनीकी सदस्य हाल सेवानिवृत
- महेन्द्र प्रकाश सोनी तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता हाल सेवानिवृत्त को गिरफ्तार किया
हजारों करोडो रूपयों का भ्रष्टाचार
एसीबी में दर्प्रज करण संख्या 245/2024 के अनुसंधान से फर्म मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवैल कम्पनी प्रोपराईटर महेश मित्तल व फर्म मैसर्स श्याम ट्यूबैवल कम्पनी प्रोपराईटर पदमचन्द जैन द्वारा इरकॉन इन्टरनेशनल लि० के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उच्च स्तर के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर राजस्थान राज्य में उपरोक्त दोनों फर्मों के नाम जारी विभिन्न टेण्डरों में इरकॉन इन्टरनेशनल लि. के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र लगाकर करीब 960 करोड रूपये के
टेण्डर प्राप्त कर करोडों रूपयों का भ्रष्टाचार करना प्रकट हुआ। इसके अतिरिक्त पीएचईडी के उच्च स्तर के अधिकारियों द्वारा आपराधिक मंशा से मेजर प्रोजेक्टस (50 करोड रूपये से उपर) की निविदाओं में साइट विजिट प्रमाण-पत्र की बाध्यता को नियमों के विरूद्ध निविदा में शामिल कर बोली दाताओं की पहचान को उजागर कर टेण्डर पुलिंग करने के फलस्वरूप अप्रत्याशित ऊंचे टेंडर प्रीमियम प्राप्त हुए, जिनका पीएचईडी के अधिकारियो द्वारा अनुमोदन कर व्यापक स्तर पर हजारों करोडो रूपयों का भ्रष्टाचार करने के तथ्य अनुसंधान से स्पष्ट हुए।
एसीबी की SIT की कार्रवाई से हडकंप
प्रकरण में त्वरित प्रभावी अनुसंधान हेतु पुष्पेन्द्र सिंह राठौड पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया। जिसके द्वारा प्रकरण में तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का गहनता से विश्लेषण किया गया।एसीबी द्वारा पूर्व में जल जीवन मिशन में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ ट्रेप कार्यवाही कर प्रकरण संख्या 215/2023 दर्ज करवाया था जिसमें कुल 11 आरोपियो एवं 2 फर्मों के खिलाफ आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।प्रकरण में आईजी राजेश सिंह महानिरीक्षक द्वितीय एवं डॉ रामेश्वर सिंह DIG प्रथम के निकटतम सुपरविजन में एसआईटी द्वारा साक्ष्यो का गहनता से विश्लेषण कर आरोपीगणों को गिरफ्तार किया गया।अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपीगणों से विस्तृत पूष्ठताछ तथा अग्रिम कार्यवाही जारी है।
जल जीवन मिशन घोटाले में कॉल रिकॉर्डिंग से एसीबी ने पकड़ा करोड़ों का भ्रष्टाचार
