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धार्मिक स्थल के बाहर से अतिक्रमण हटाने को लेकर उपजा विवाद तनाव में बदल गया, भारी पुलिस फाेर्स तैनात
चौमूं को पुलिस छावनी बनाया गया, इंटरनेट भी बंद
जयपुर के चौमूं कस्बे में 'पत्थरबाज' पैदा हो गए। गुरुवार दिन में मुख्य बस स्टैंड के आसपास से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान एक धार्मिक स्थल के बाहर पड़े पत्थर हटाने पर सहमति बन गई थी। पत्थर तो हटा लिए, लेकिन रात में रैलिंग लगाना शुरु कर दिया। रोका गया तो रात तीन बजे पुलिस जाब्ते पर पथराव कर दिया गया। आधा दर्जन पुलिस वालों के सिर फूट गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे। बड़ी संख्या में आसपास के पुलिस थानाें से फोर्स भी चौमूं भेजी गई। देर रात हुए बवाल के बाद चौमूं कस्बे में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। बस स्टैंड और आसपास भारी फोर्स तैनात है।
आधी रात बाद पथराव, छह पुलिसकर्मी घायल
चौमूं में बवाल कंट्रोल करने जयपुर से एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. राजीव पचार, डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद और कई थानों व पुलिस लाइन से जाब्ता भेजा गया है। बस स्टैंड पर धार्मिक स्थल के पास से अतिक्रमण हटाने का ेलेकर विवाद हुआ जो पथराव, आसूं गैस और इंटरनेट बंदी तक जा पहुंचा। पुलिस और स्थानीय सूत्रों ने बताया कि चौमूं मुख्य बस स्टैंड पर स्थित धार्मिक स्थल के बाहर काफी दूर तक पत्थर डाले हुए थे। पत्थरों की वजह से रास्ता संकरा हो रखा था। सुगह आवागमन में परेशान होती थी। नगर परिषद और प्रशासन ने समझाइस कर पत्थर हटवाए थे। ,
दिन में सहमति, रात को कैसे पलट गए
दिन में हुई बातचीत और सहमति के बाद पत्थर तो हटा लिए गए, लेकिन कुछ लोगों ने रात में पहुंच कर धार्मिक स्थल के सामने रैलिंग लगाना शुरु कर दिया। मौके पर पुलिस जाब्ता तैनात था। पुलिस ने मना किया तो पहले से वहां जमा सैकड़ों लोगों में से कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरु कर दिया। अचानक पथराव से पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका ही नहीं लगा। एक के बाद एक करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। सूचना पर थाने से कुछ अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचा। पुलिस ने उपद्रवियों को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
बस स्टैंड बना पुलिस छावनी
समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल के बाहर रैलिंग लगाने को लेकर आधी रात बाद हुए बवाल को कंट्रोल करने के लिए चौमूं में करीब 1 हजार पुलिस फोर्स भेजी गई है। चौमूं बस स्टैंड समेत पूरा कस्बा पुलिस छावनी बना दिया गया। देर रात हुए उत्पात की साजिश किसने रची? जब सब कुछ सहमति से हो गया था, तो फिर रैलिंग लगाने की हरकत क्यों की गई? इस सबके पीछे क्या प्लानिंग थी? यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल चौमूं में शांति बताई जा रही है, लेकिन सोशल मीडिया के स्टार चौमूं थानाधिकारी प्रदीप कुमार हालात कंट्रोल करने में विफल रहे।
सोशल मीडिया पर पहले ही चेताया, फिर भी कांड हो गया
चौमूं के SHO प्रदीप शर्मा ने गुरुवार सुबह ही सोशल मीडिया पर आकर कहा था कि किसी ने अफवाह फैलाने की कोशिश की तो इलाज पक्का हो जाएगा। किसी ने यह फैलाने की कोशिश की मस्जिद हट रही है या किन लोगों के कराण हट रही है तो मुकदमा दर्ज करूंगा, कहीं जगह नहीं मिलेगी। इसके बावजूद रात में पथराव हो गया।
सुगम यातायात के लिए चल रहे प्रयास
चौमूं में सुगम यातायात और कस्बे को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर परिषद और पुलिस काफी समय से मशक्कत कर रही है। इस दौरान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरु की गई थी। समुदाय विशेष के एक धार्मिक स्थल के बाहर काफी दूर तक पड़े पत्थरों को हटाने पहुंचे तो विरोध हुआ। समझाइस के बाद कुछ वरिष्ठ लोगों की सहमति पर अतिक्रमण हटा लिया गया, लेकिन रात में कुछ लोगों ने वहां रैलिंग लगाना शुरु कर दिया।
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