Thursday, 16 April 2026

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भारतीय डाक में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी के बड़े रैकेट का खुलासा

विभाग की इंटरनल इंक्वायरी में हुआ था फर्जी मार्कशीट का खुलासा

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अलवर में गिरोह का सरगना पकड़ा गया,

अलवर। भारतीय डाक विभाग में नौकरी पाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। अलवर पुलिस ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) के पद पर फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब की गई जब डाक विभाग की आंतरिक जांच में इन दस्तावेजों के फर्जी होने का पता चला।

एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि साल 2022 में हुई भर्ती प्रक्रिय में 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर नियुक्ति दी गई थी। नियुक्ति के बाद जब डाक विभाग ने सफल उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच करवाई तो हितेश कुमार, साहिल, मनीषा, नैना, शैलेन्द्र कुमार और पिंटू कुमार जैसे कुछ लोगों द्वारा तमिलनाडु के चेन्नई बोर्ड की जाली मार्कशीट जमा करने का पता चला।

एसपी चौधरी ने बताया कि इस मामले में पहले हितेश कुमार को गिरफ्तार किया गया था। अब पुलिस ने शैलेन्द्र कुमार निवासी मुंडिया खेड़ा, खैरथल-तिजारा को भी गिरफ्तार किया है, जिसने बताया कि उसने यह फर्जी मार्कशीट अपने दोस्त संदीप यादव के माध्यम से प्राप्त की थी। संदीप यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। संदीप ने स्वीकार किया कि उसने एक कोचिंग सेंटर के संचालक से अपने और शैलेन्द्र के लिए फर्जी अंकतालिकाएं बनवाई थीं। पुलिस अब इन दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

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