live-demo-in-front-o...
तीन नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी में पुलिसकर्मियों का सहारानीय कार्य
अमित शाह ने पुलिसकर्मियों के डेमों का एक एक स्टैप देखा
जयपुर।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जेईसीसी सीतापुरा में नए आपराधिक कानूनों पर आधारित भव्य प्रदर्शनी ’नव विधान: न्याय की नई पहचान’ का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी का गहनता से अवलोकन कर पूरी प्रक्रिया का लाइव डेमो देखा। गृह मंत्री के सामने राजस्थान पुलिस की महिला इंस्पेक्टर, हैडकांस्टेबल, कांस्टेबल और अन्य पुलिसकर्मियों, एफएसएल टीम के सदस्यों, मेडिकल ज्यूरिस्ट स्टॉफ और पब्लिक प्रोसिक्यूटर्स ने नए कानूनों के तहत त्वरित और सटीक अनुसंधान के अलावा CCTNS समेत अपराधियों की धरपकड़, उनका पुराना क्राइम रिकॉर्ड और फेक रिक्निशन साफ्टवेयर्स के इस्तेमाल को बड़ी ही सरलता से प्रजेंट किया। अपराध का सही अनुसंधान, अपराधियों की धरपकड़, फरियादियों को जल्दी और आसानी से न्याय दिलाने की नए कानूनों में मौजूद सुगमता पर यह डेमो तैयार किया गया था। अमित शाह ने पूरा लाइव डेमो देखा और इसकी सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा भी उनके साथ उपस्थित रहे। इस प्रदर्शनी में न्यायिक प्रक्रिया को 3 चरणों के अन्तर्गत 10 जोन और मॉडल में लाइव डेमो के माध्यम से दिखाया गया है, जिससे आगंतुकों को अपराध की सूचना से लेकर अंतिम न्यायिक निर्णय तक की जानकारी विस्तृत रूप से उपलब्ध हो रही है। प्रदर्शनी का अवलोकन कर कोई भी व्यक्ति आसानी से समझ सकता है कि नए कानूनों से न्याय प्रक्रिया कैसे त्वरित, सरल, सुलभ और पारदर्शी हुई है तथा प्रत्येक स्तर पर संबंधित विभाग कैसे कार्य करते हैं। प्रदर्शनी के प्रथम चरण में शिकायत और जांच की प्रक्रिया को दर्शाया गया है, जिसके अन्तर्गत कंट्रोल रूम, सीन ऑफ क्राइम और पुलिस स्टेशन के मॉडल शामिल हैं। वैज्ञानिक और कानूनी सत्यापन के दूसरे चरण में हॉस्पिटल, एफ.एस.एल. और पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ऑफिस की कार्यप्रणाली को प्रदर्शित किया गया है। वहीं तीसरे चरण में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, प्रिजन और हाईकोर्ट के साथ नए आपराधिक कानूनों का संक्षिप्त विवरण शामिल है। इस प्रदर्शनी का ले-आउट ‘न्याय प्रथम’ के सिद्धांत पर केंद्रित है।
प्रदर्शनी में नवीन कानूनों के अंतर्गत किये गए प्रावधानों से आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए सकारात्मक परिवर्तनों के बारे में रोचक तरीके से समझाया गया है। इसमें अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, पीड़ित केंद्रित प्रावधान, त्वरित न्याय, प्रौद्योगिकी का उपयोग, ई-साक्ष्य, ई-सम्मन, ई-प्रोसिक्यूशन, साइबर अपराध नियंत्रण, औपनिवेशिक कानूनों का अंत आदि बिन्दू शामिल किये गए हैं। राज्य में नवीन कानूनों के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही और प्रगति के साथ ही सफलता की कहानियों को भी इसमें प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में दर्शाया गया है कि नवीन कानूनों में तकनीक के उपयोग का व्यापक समावेश किए जाने से समय और श्रम की बचत हो रही है, प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण होने से त्वरित न्याय सुलभ हो रहा है तथा अपराधियों के लिए भी सुधारात्मक प्रावधान किए जाने से उन्हें फिर से मुख्यधारा में आने का अवसर मिल रहा है। विधि मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचिव सुधांश पंत और पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें