Saturday, 1 August 2026

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ASI पिता की वर्दी से प्रेरणा लेकर छिंदवाड़ा की बेटी बनी फ्लाइंग ऑफिसर

छिंदवाड़ा की प्रिया को AFCAT में 113वीं रैंक, बढ़ाया मध्य प्रदेश का मान

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प्रिया बनी छिंदवाड़ा की पहली फ्लाइंग ऑफिसर

अगर इरादे मजबूत हों तो साधारण परिवार की बेटियां भी आसमान की ऊंचाइयों को छू सकती हैं। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की बेटी प्रिया मालवीय ने इसी बात को सच साबित कर दिखाया है। भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर उन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है।

प्रिया की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह छिंदवाड़ा जिले की पहली बेटी हैं, जिन्हें भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। उनकी यह उपलब्धि हजारों युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

पिता की वर्दी से मिली देशसेवा की प्रेरणा

प्रिया के पिता रवि मालवीय छिंदवाड़ा कोतवाली में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं। बचपन से ही प्रिया ने पिता को वर्दी में देश और समाज की सेवा करते देखा। यही दृश्य मन में भी देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना जगाता रहा।

प्रिया ने अपने लक्ष्य को तय किया और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करती रहीं। चुनौतियां आईं, लेकिन हार नहीं मानी और आखिरकार अपने सपने को सच कर दिखाया।

AFCAT 2025 में शानदार प्रदर्शन

खबरों की अविरल धारा

प्रिया ने एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) 2025 में पूरे देश में 113वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल परीक्षा जैसी कठिन प्रक्रियाओं को भी सफलतापूर्वक पार किया।

प्रिया की मेहनत और लगन का परिणाम यह रहा कि अंतिम मेरिट सूची में उनका चयन भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद के लिए हो गया। अब वह हैदराबाद में प्रशिक्षण लेकर देश की सेवा के नए सफर की शुरुआत करेंगी।

बेटियों को दिया प्रेरणादायक संदेश

अपनी सफलता के बाद प्रिया ने बेटियों को संदेश देते हुए कहा कि सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अधिकार हर लड़की को है। अगर आत्मविश्वास, मेहनत और परिवार का सहयोग मिले तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।

प्रिया मालवीय की यह कहानी सिर्फ एक चयन की खबर नहीं है, बल्कि यह उस विश्वास की कहानी है जो बताती है कि सपनों को पंख देने के लिए हालात नहीं, हौसले बड़े होने चाहिए। आज छिंदवाड़ा की यह बेटी सचमुच आसमान की नई उड़ान भरने जा रही है।

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