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एसीबी की टीम ने सवाई मानसिंह अस्पताल में उनके द्वारा की गई खरीद का रिकॉर्ड खंगाला
एसीबी की टीम को सवाई मानसिंह अस्पताल ने उपलब्ध कराया रिकॉर्ड
जयपुर।
एक लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के एडिशनल प्रिंसिपल और न्यूरो सर्जरी के हेड डॉ. मनीष अग्रवाल के सारे काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खुलेगा। एसीबी टीम ने शनिवार को डॉ. मनीष अग्रवाल के एचओडी न्यूरो सर्जरी और एडिशनल प्रिंसिपल एसएमएस मेडिकल कॉलेज के कार्यकाल के दौरान किए गए सभी आइटम्स एवं उपकरणों के प्रोक्योरमेंट, स्टोर से किए गए इंडेंट और उनके हस्ताक्षर से किए गए सभी भुगतानों से संबंधित सभी दस्तावेज जब्त करने की कार्रवाई की। यह सर्च शनिवार सुबह शुरू होकर शाम तक चली। बाकी का रिकॉर्ड सोमवार को जब्त किया जाएगा। रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने हेतु एसएमएस हॉस्पिटल द्वारा एडिशनल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राजेश शर्मा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। एडीजी एसीबी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर डीआईजी अनिल कयाल के सुपरविजन में एएसपी संदीप सारस्वत के नेतृत्व में रिकॉर्ड जब्त करने की कार्रवाई की गई।
सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर के न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. मनीष अग्रवाल को गुरुवार शाम एसीबी ने 1 लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़ लिया था। कार्रवाई उनके जयपुर में गोपालपुरा बाइपास स्थित आवास पर की गई थी। डॉ. मनीष अग्रवाल एसएमएस मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभाग प्रमुख और एडिशनल प्रिंसिपल हैं। मनीष अग्रवाल पर एसीबी की कार्रवाई से एसएमएस अस्पताल के डॉक्टरों में खलबली मच गई थी। वह ब्रेन कॉइलिंग की सप्लाई करने वाली एक फर्म के बिल पास होने के लिए जरूरी काउंटर साइन करने के बदले रिश्वत ले रहे थे।