नदबई-में-तहसीलदार-पर...
नामांतकरण खोलने के बदले भरतपुर का नदबई तहसीलदार विनोद मीणा 80 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
तहसीलदार विनोद कुमार मीना को एसीबी ने सरकारी आवास पर ही रिश्वत लेते गिरफ्तार किया
भरतपुर। रिश्वतखोर का दुस्साहस देखिए! एंटी करप्शन ब्यूरो ने नदबई तहसीलदार को शनिवार सुबह सरकारी आवास पर 80 हजार रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इससे पहले शुक्रवार को ही भरतपुर से अलग होकर नया जिला बने डीग में एसीबी ने एसडीएम और रीडर को 80 हजार रुपए रिश्वत लेते ट्रैप किया था। एसीबी को नदबई तहसीलदार के खिलाफ भी रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। सत्यापन का प्रयास चल रहा था। डीग में 80 हजार लेते SDM ट्रैप हुआ उसके ठीक आधा घंटे में ही नदबई तहसीलदार ने भी ठीक उतनी ही रिश्वत की डिमांड रखी। सभवत: उसने यह सोचा होगा कि पड़ोस के एसडीएम ने 80 हजार लिए हैं, तो तहसीलदार क्या उससे कम हूं , मैं भी 80 हजार लूंगा। देखता हूं, मुझे कौन पकड़ता है। डिमांड करते ही एसीबी ने सत्यापन कर लिया और शनिवार सुबह उसे रंगे हाथों ट्रैप कर लिया। उसने एक जमीन का म्यूटेशन खोलने के बदले रिश्वत की डिमांड की थी।
एंटी करप्शन ब्यूरो राजस्थान की भरतपुर इकाई ने तहसील नदबई के तहसीलदार विनोद कुमार मीना को 80,000 रूपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी चौकी भरतपुर को एक शिकायत इस आशय की मिली कि परिवादी की जमीन का RAA कोर्ट भरतपुर से स्टे हटने के बाद म्यूटेशन खोलने की एवज में आरोपी तहसीलदार 80,000 रूपये रिश्वत की मांग कर परेशान कर रहा है। जिस पर एसीबी रेंज भरतपुर के डीआईजी राजेश सिंह के सुपरविजन में एसीबी चौकी भरतपुर के एडिशनल एसपी अमित सिंह नेतृत्व में ट्रेप करते हुए नदबई के तहसीलदार विनोद कुमार मीना को 80,000 रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
एसीबी की डीआईजी राजेश सिंह ने बताया कि डीग एसडीएम के ट्रैप के आधा घंटे बाद ही नदबई तहसीलदार के खिलाफ रिश्वत की शिकायत का सत्यापन हुआ। यह गजब का दुस्साहस है, पता है कि एसीबी टीम ने पड़ोस के जिले में ही ट्रैप किया है, फिर भी रिश्वत की डिमांड रख दी।
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