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Friday, 30 October 2026

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यूपी के एक डीएम ने पंडित को डंडों से पीटा, फिर चोटी काट दी

डीएम को शक था, उनके कारनामों की खबरें लीक करता है बंगले पर रखा पुजारी

10 दिन से पुजारी 'होम अरेस्ट'

10 दिन से पुजारी 'होम अरेस्ट'

वेस्ट यूपी के चर्चित कलक्टरों में शुमार एक आईएएस का नया कारनामा सामने आया है। धर्म और सनातन का राग अलापने वाले इस डीएम ने अपने बंगले पर पूजा पाठ के लिए रखे गए युवा पुजारी को डंडों से बेरहमी से पीटा और फिर उसकी चोटी उस्तरे से काट दी। किसी तरह बंगले से जान बचाकर भागे पंडित को डीएम ने पकड़वा लिया और कमरे में बंद करके वाइपर और डंडों से फिर से उसकी पिटाई की। पंडित का बड़ा भाई हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाता रहा लेकिन डीएम के हाथ गुस्सा ठंडा होने पर ही रुके। 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मंडल मुख्यालय वाले जिले की यह घटना करीब दस दिन पुरानी है। डीएम की पिटाई से बुरी तरह जख्मी हुए पंडित को डीएम की पूर्व तैनाती वाले जिले के एक गांव में होम अरेस्ट जैसे हालात में रखा गया है। उसे और उसकी फैमिली को मीडिया से दूर रहने और किसी को भी घटना के बारे में नहीं बताने की कड़ी हिदायत दी गई है। पीड़ित परिवार इस कदर डरा सहमा है कि ऑन रिकॉर्ड कुछ बात करने को तैयार नहीं है। फैमिली का कहना है कि इतने बड़े अफसर से पंगा लेने की उनकी हैसियत नहीं है, इसलिए इस अपमान को होनी का खेल मानकर भूलने की कोशिश कर रहे हैं।

बड़ी-बड़ी डील्स की सूचनाएं बाहर लीक

दरअसल डीएम को शक था कि उनके बंगले पर करीब दो सालों से पूजापाठ के लिए रखा गया युवा पंडित उनकी बड़ी-बड़ी डील्स की सूचनाएं बाहर लीक कर रहा है। डीएम के बंगले की कई गोपनीय सूचनाएं शासन तक पहुंच जाने की वजह से डीएम भन्नाए थे। पंडित डीएम की पूर्व तैनाती वाले जिले के एक गांव का रहने वाला है। पूर्व तैनाती वाले जिले में भी वह डीएम के बंगले पर रहता था और सुबह-शाम पूजा-पाठ कराता था। पुजारी डीएम की फैमिली के इतना क्लोज था कि उसका खाना- पीना और रहना सब परिवार की तरह ही डीएम के बंगले पर होने लगा था। डीएम जब पुराने जिले से नए जिले में आए तो बाकी कई पर्सनल स्टाफ के साथ पंडित को भी नए जिले में अपने साथ ले आए।  

पुराने सारे स्टाफ की छुट्टी कर दी

लेकिन नई तैनाती वाले जिलों में डीएम के एक के बाद एक कारनामे लीक हुए और बंगले की अंदरूनी बातें भी शासन तक पहुंचने लगीं। पहले तो डीएम ने बंगले पर तैनात पुराने सारे स्टाफ की छुट्टी कर दी और पूर्व तैनाती वाले जिले से लाए लोगों को जिम्मेदारियां सौंप दीं। लेकिन सूचनाएं फिर भी शासन तक जाती रहीं तो उन्हें अपनी पूर्व जिले से लाई टीम पर शक हुआ। बंगले पर सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए। लेकिन इसके बाद भी देर रात प्राइवेट गेट से बंगले पर होने वाली डीएम की डील्स की सूचनाएं शासन तक पहुंचना बंद नहीं हुई। इस पर डीएम ने अपने लोगों पर ही शक कर उन् पर नजर रखना शुरू कर दी। 

गुस्से में डीएम ने पंडित की चोटी भी काट दी

करीब दस दिन पहले डीएम को कुछ ऐसे साक्ष्य मिले कि उन्होंने पुजारी को सुबह-सुबह ही डंडों से पीटना शुरू कर दिया। किसी तरह बचकर पंडित बंगले से भाग निकला। लेकिन डीएम ने पंडित को दो घंटे बाद ही ढूंढ निकाला और फिर से बंद करके उसकी पिटाई की। गुस्से में डीएम ने पंडित की चोटी भी काट दी। पंडित पर बंगले की सूचनाएं लीक करने के आरोप लगाए गए। हालांकि, पंडित पिटाई के दौरान हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता रहा। बेरहमी से पीटने के बाद पंडित के बड़े भाई को बुलाया गया और मुंह बंद रखने की कड़ी हिदायत के साथ उसे उसके भाई सुपुर्द कर दिया। सूत्रों का कहना है कि इस पिटाई में पुजारी को गंभीर चोटें आई हैं। पुजारी को डीएम की पूर्व तैनाती वाले जिले में उसके पैतृक घर में नजबंद जैसे हालात में रखा गया है।

24 घंटे जपते हैं सनातन के नाम की माला

यह वही डीएम हैं जो 24 घंटे सनातन के नाम की माला जपते हैं और पूर्व जिले से ही भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों से घिरे हैं। इनके बंगले पर इनके मूल स्टेट के 60 लोगों की टीम और 40 रिश्तेदार रहने की बातें कही जाती हैं। पिछले दिनों हुई शिकायतों में इन पर आरोप था कि इनके मूल स्टेट के लोग इनकी तैनाती वाले जिले में विभागों को माॅनीटर कर डीएम साहब के लिए मोटी-मोटी डील्स वाले काम जुटाते हैं।

विजिलेंस छापे के डर से रातोंरात 60 लोग विदा

पूर्व तैनाती वाले जिले में एक विशेष समुदाय के कुछ धर्मस्थलों पर कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में आए यह आईएएस कुछ महीने पहले ही वेस्ट यूपी के एक बड़े जिले के डीएम बने हैं। नया जिला भी पुराने जिले से सटा हुआ है। पुराने जिले में सरकारी जमीनों को ठिकाने लगाने के संगीन आरोप इन पर लगे। अब नए जिले में भी चंद महीनों में इनके कारनामों की लंबी फेहरिस्त बन गई। इनके भरोसेमंद 60 लोगों की टीम ने जिले में इतना आतंक मचाया कि मामला शासन तक पहुंच गया। विजिलेंस छापे के डर से रातोंरात डीएम ने इन 60 लोगों को विदा कर दिया है। बंगले पर रहे अपने रिश्तेदारों का भी सामान पैक करके घर भेज दिया है।

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