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Sunday, 1 November 2026

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जिस जगह रोज करते थे पोस्टमार्टम, उसी स्ट्रेचर पर डॉक्टर की लाश

एसएमएस अस्पताल में फॉरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ N L डिसानिया ने कर ली खुदकुशी

एसएमएस मुर्दाघर के बाहर पोस्टमार्टम के समय लगी डॉक्टर्स की भीड़

एसएमएस मुर्दाघर के बाहर पोस्टमार्टम के समय लगी डॉक्टर्स की भीड़

जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल में फॉरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. NL डिसानिया ने बुधवार रात जयपुर के वैशाली नगर में अपने घर पर ही खुदकुशी कर ली। उनकी लाश कमरे में फंदे पर लटकी मिली। हादसे के वक्त घर पर उनका बेटा अविनाश था। अन्य परिवारजन शादी में गांव गए हुए थे। बेटे ने शव उतार कर पास ही प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर डिसानियां बरसों से सवाई मानसिंह अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट डिपार्टमेंट में पोस्टेड थे। उनकी इस तरह मौत से डॉक्टर्स और स्टॉफ हैरान हैं।

हजारों शवों का पोस्टमार्टम करने वाले का शव उसी टेबल पर

डॉक्टर नंद लाल डिसानियां ने मेडिकल ज्यूरिष्ट एसएमएस अस्पताल में काम करते हुए वर्षों तक हजारों शवों का पोस्टमार्टम किया होगा। विडंबना देखो जिस पोस्टमार्टम टेबल पर वे लगभग रोज पोस्टमार्टम करते थे l अपने साथियों और जूनियर्स को गाइड किया करते थे, बुधवार की सुबह मुर्दाघर की उसी टेबल पर उसकी ही डेड बॉडी पड़ी थी, और उनके साथी डॉक्टर व जूनियर उन्हीं के शव का पोस्टमार्टम कर रहे थे।

खुशमिजाज डॉक्टर ने क्यों की खुदकुशी?

डिसानियों की ढाणी, जोबनेर के मूल निवासी डॉ. नंदलाल (NL) डिसानिया जयपुर में वैशाली नगर इलाके में पंखा काटा के पास रहते थे। एसएमएस के फॉरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट में प्रोफेसर थे। उनके साथी डॉक्टरों ने बताया कि मंगलवार को अस्पताल आए थे, नौकरी के बाद घर गए, काफी खुशमिजाज थे। रात को ऐसा क्या हुआ, वो किस तनाव में थे, यह अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस घटना से एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर उनके सहकर्मी और परिवार के लोग हतप्रभ हैं।

साथी डॉक्टर बोले यकीन नहीं हो रहा

खबरों की अविरल धारा

एसएमएस अस्पताल के बाहर बुधवार सुबह डॉक्टरों की भीड़ लगी थी, अंदर डॉक्टर डिसानियां का पोस्टमार्टम चल रहा था। इस दौरान बाहर उनके सहकर्मी डॉक्टर सुमन दत्ता ने बताया कि उन्हें अभी तक भी यकीन नहीं हो रहा है कि डॉक्टर डिसानिया हमारे बीच नहीं है।

पूर्व कृषि मंत्री के रिश्तेदार

डॉक्टर डिसानियां के निधन की सूचना पाकर पूर्व कृषि मंत्री डॉ. लालचंद कटारिया भी एसएमएस के मुर्दाघर पहुंचे। उन्होंने बताया कि डॉक्टर डिसानियां उनके रिश्तेदार थे, हादसे की सूचना पर उनसे रुका नहीं गया और वह मुर्दाघर पहुंच गए।

बेटा भी एमबीबीएस कर चुका

डॉक्टर डिसानियां के रिश्तेदारों ने बताया कि उनके परिवार में पत्नी, बेटी और बेटा हैं। बेटी की शादी हो चुकी। परिवार में कोई शादी है। पत्नी गांव गई हुई थी। डॉक्टर डिसानियां और बेटे अविनाश को आज शादी में जाना था। इससे पहले ही उनकी मौत से पूरा परिवार गहरे सदमें हैं। बेटा अविनाश भी एमबीबीएस कर चुका। एमडी में प्रवेश की तैयारी कर रहा है।

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