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पुलिस अफसरों के कमरों के बाहर जगह-जगह गंदगी मचा दी, आवाज डीजीपी ने भी सुनी, पकड़ने को टीम बुलाई
पुलिस मुख्यालय में 'आवारा आतंक'
राजस्थान पुलिस बड़े-बड़े अपराधियों को चुटकियों में पकड़ लेती हैं, लेकिन इन दिनों कुछ ऐसे 'बदमाशों' से परेशान है जो असल में तो बदमाश नहीं है लेकिन उनकी हरकतें गलत हैं। जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में घुसे ये 'बदमाश' पकड़ में भी नहीं आ रहे। कई दिन से परेशान पुलिस वालों ने शनिवार को सर्च ऑपरेशन चलवाया। बड़ी मशक्कत से एक पकड़ में आया, लेकिन दूसरा बच कर कहीं जा छिपा। दरअसल मामला आवारा कुत्तों का है। जयपुर पुलिस मुख्यालय की सात मंजिला बिल्डिंग परिसर में कुछ समय से दो-तीन आवारा कुत्ते घुस गए। इन कुत्तों ने पुलिस मुख्यालय में ही डेरा डाल दिया। जिस पुलिस मुख्यालय में बिना अनुमति 'परिंदा भी पर नहीं मार सकता' वहां आवारा कुत्ते घुस गए और ऐसा आतंक मचाया कि पुलिस में खलबली मच गई। सात मंजिला बिल्डिंग में ये कुत्ते हर जगह घूम रहे थे। बेसमेंट में पार्किंग से लेकर दूसरी मंजिल पर डीजीपी ऑफिस और सातवीं मंजिल पर जिम तक पहुंच रहे थे। इतना ही नहीं लिफ्ट के सामने, डीजीपी ऑफिस के बाहर वेटिंग हॉल तक पहुंच कर कुत्ते सू-सू-पोटी भी कर रहे थे। दिन-रात भौंकते-गुर्राते ये कुत्ते पुलिस मुख्यालय के गलियारों में दौड़ते देखे जा रहे थे।
डीजीपी तक पहुंच गई थी कुत्तों के भौंकने की आवाज
हाल ही में एक सुबह डीजीपी पुलिस मुख्यालय के जिम्मेजियम में गए। वहां वे कसरत कर रहे थे, इस दौरान छत पर कुत्तों के भौंकने की आवाज आने लगी। उन्होंने गनमैन को पूछा आवाज कहां से आ रही है। इस पर पता चला पुलिस मुख्यालय में आवारा कुत्ते घुस आए है। वे भौंक रहे हैं। उन्होंने कुछ साथी अफसरों से पूछा बताया तो उन्होंने भी पुलिस मुख्यालय के गलियारों में दिन भर आवारा कुत्तों की वजह से हो रही दिक्कत के बारे में बताया। इसके बाद कुत्तों को पकड़वाने के निर्देश दिए गए।
दबावखाना की टीम पहुंची, एक पकड़ा गया
डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय से आवारा कुत्तों को बाहर करने के निर्देश दिए। पहले पुलिसकर्मियों ने प्रयास किए, कुछ आरएसी के जवानों ने प्रयास किया, लेकिन कुत्ते इतने जिद्दी हो चुके थे, कि पुलिस वालाें के बीच से इधर-उधर जाकर छिप जाते थे। कई दिन के प्रयास के बाद भी कुत्तों को बाहर नहीं किया जा सकता। तब पुलिस अफसरों ने नगर निगम के अफसरों को कॉल किया। छुट्टी का दिन चुना गया। शनिवार सुबह 9 बजे नगर निगम के दबावखाने से कुत्ते पकड़ने वाली टीम पुलिस हेडक्वार्टर पहुंच गई। टीम में चार सदस्य थे। करीब एक घंटे तक बेसमेंट से लेकर सातवीं मंजिल तक नगर निगम की टीम ने करीब दो घंटे तक मशक्कत की तब जाकर एक कुत्ता पकड़ में आया। उसे लेकर टीम फिर आने की कहकर चली गई।
बचा हुआ खाना डालना भारी पड़ गया
पुलिस मुख्यालय में आवारा कुत्ते कैसे डेरा डालकर बैठे हैं, इस बारे में वहीं के स्टॉफ ने बताया कि एमटी शाखा के जवान बेसमेंट में दिन में लंच वगैरह करते हैं। वह बचा हुआ खाना वहीं डाल देते हैं। ऐसे में कुत्तों ने डेरा कर लिया। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय की छत पर कबूतर काफी हैं, कुत्ते कबूतर का शिकार करने छत तक पहुंच जाते हैं। इसके अलावा बेसमेंट में पकड़ा कबाड़ और गाड़ियां उनके छिपने का ठिकाना बन गई। एक कुत्ता पकड़ा गया, दूसरा भाग गया। कई बार तो गेट पर गनमैन के पास से भागकर कुत्ते अंदर घुस जाते हैं, अब उनको राइफल से गोली तो मार नहीं सकते। कुत्तों की एंट्री रोकना चुनौती है।