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प्रज्ञा टिबरीवाल ने लॉन्च किया नया रोज इत्र
प्रज्ञा टिबरीवाला के कलेक्शन में एक से एक इत्र
जयपुर। वर्तमान दौर में, जब मार्केट में उपलब्ध ज्यादातर परफ्यूम केमिकल और अल्कोहल से तैयार किए जाते हैं, ऐसे समय में रोज इत्र एक शुद्ध, प्राकृतिक और विरासत से जुड़ा हुआ विकल्प बनकर सामने आता है। यह इत्र न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित है, बल्कि मन और आत्मा को भी सुकून देने वाला एक रिफाइंड सेंसरी एक्सपीरियंस प्रदान करता है। फैशन एक्सपर्ट प्रज्ञा टिबरीवाल द्वारा लॉन्च किया गया यह रोज इत्र सिर्फ एक खुशबू नहीं, बल्कि भारतीय इत्र परंपरा की उस समृद्ध विरासत का प्रतीक है, जो सदियों से शुद्धता, सौम्यता और रॉयल एलिगेंस के लिए जानी जाती रही है। इसकी हर बूंद में इतिहास की गहराई और प्रकृति की कोमलता समाई है, जो आपकी पर्सनैलिटी को ग्रेसफुल बना देती है।
परंपरा का सम्मान
प्रज्ञा का कहना है कि यह रोज इत्र भारतीय इत्र की पारंपरिक विरासत और आज की आधुनिक पसंद, दोनों का सुंदर कॉम्बिनेशन है। यह उन लोगों के लिए है, जो दिखावे से ज्यादा गहराई, ट्रेंड से ज्यादा विरासत और केमिकल से ज्यादा शुद्धता को महत्व देते हैं। इसी सोच के साथ इस खास, अल्कोहल-फ्री और नेचुरल फ्रेगरेंस कलेक्शन को पूरे समर्पण और फैशन-फॉरवर्ड विजन के साथ लॉन्च किया गया है।
इत्र बनाने की प्राचीन कला
रोज इत्र को पारंपरिक प्राचीन आसवन विधि (डिस्टिलेशन प्रोसेस) से तैयार किया गया है। ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को बेहद सधी हुई प्रक्रिया से आसवित कर उनकी शुद्ध आत्मा निकाली जाती है। यही वजह है कि इसकी खुशबू नेचुरल, डीप और एक्स्ट्रा लॉन्ग-लास्टिंग होती है। जहां आम स्प्रे परफ्यूम कुछ ही घंटों में फीके पड़ जाते हैं, वहीं रोज इत्र पूरे दिन एक सॉफ्ट लेकिन पावरफुल सेंट स्टेटमेंट बनाए रखता है।्र
अल्कोहल-फ्री, स्किन-फ्रेंडली
इस रोज इत्र की सबसे बड़ी खासियत है कि यह पूरी तरह अल्कोहल-फ्री है। यह त्वचा पर बेहद कोमल है और हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है। इसकी नेचुरल कंपोजिशन बॉडी के साथ खूबसूरती से ब्लेंड होकर एक पर्सनल और सिग्नेचर फ्रेगरेंस तैयार करती है। एक बूंद ही काफी है, सटल, सोफिस्टिकेटेड और स्टाइलिश इम्प्रेशन छोड़ने के लिए।
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