Wednesday, 16 September 2026

Home / Business /

jaipur-jewellery-sho...

सोना महंगा होने से मार्केट में बढ़ी जेमस्टोन्स की डिमांड

दुनिया में जेम्स एंड ज्वैलरी के सबसे बड़े शो JJS 2025 का शानदार आगाज, देश दुनिया के ज्वैलरी कारोबारी जयपुर में जुटे

News Image

पहले दिन उमड़ी विजिटर्स की भारी भीड़

जयपुर।

जयपुर ज्वैलरी शो JJS 2025 का शुक्रवार को जयपुर में शानदार आगाज हुआ। कल्याण ज्वैलर्स के ईडी राजेश कल्याणरमन ने इनॉग्रेशन के दौरान कहा कि हाल के दिनों में सोने की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण भारत सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जेमस्टोन्स की मांग में तेजी आई है। सशक्त डिजाइन इनोवेशन और रंगीन रत्नों की स्वाभाविक सुंदरता के चलते यह समय वैश्विक स्तर पर जेमस्टोन उत्पादों को पेश करने और उनके विस्तार के लिए अत्यंत अनुकूल है। इससे जेमस्टोंस कारोबारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। JJS के इनॉग्रेशन सेशन में चीफ गेस्ट जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका, इंक. (GIA) के अध्यक्ष CEO प्रीतेश पटेल ने भी कई अहम बातें कही। उन्होंने कहा कि आभूषण उद्योग देश का दूसरा सबसे बड़ा उद्योग है और जयपुर ज्वैलरी शो (JJS) जैसे आयोजन इसे मजबूती देने वाले व्यक्तिगत और संस्थागत संबंधों को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाते हैं। सीतापुरा स्थित नोवोटेल जयपुर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित देश के नंबर 1 बी2बी और बी2सी ज्वैलरी एग्जीबिशन 'जयपुर ज्वैलरी शो (जेजेएस)' के उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में देश-दुनिया के ट्रेडर और विजिटर आए हैं। इस वर्ष शो की थीम 'कलर्ड जेमस्टोन्स-शेपिंग ड्रीम्स इन एवरी कलर' रखी गई है। 

32,000 वेरिफाइड सैंपल्स से हुई जेमस्टोन्स की उत्पत्ति 

पटेल ने ग्राहकों के विश्वास को बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया। जीआईए की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जीआईए की स्थापना उपभोक्ताओं को शिक्षित करके उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य के साथ की गई थी। जीआईए का कार्य रिसर्च और विज्ञान पर आधारित है। जेमस्टोन्स की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए 32,000 वेरिफाइड सैंपल का इस्तेमाल किया जाता है। रिसर्च जीआईए का आधार है और यह जेमस्टोन्स की स्टोरीटेलिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह रिसर्च फाउंडेशन न सिर्फ़ ओरिजिन रिपोर्टिंग के लिए वैज्ञानिक आधार को मज़बूत करता है, बल्कि रत्नों की कहानी कहने में भी अहम भूमिका निभाता है, जिससे यह पता चलता है कि रत्न कहां और कैसे बने, इसके बारे में सटीक, विज्ञान-आधारित कहानियां बताई जा सकें।

कल्याण ज्वैलर्स के ED का संबोधन रोचक

कल्याण ज्वैलर्स के एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर, राजेश कल्याणरमन ने कहा कि

जेमस्टोन्स में दोबारा खरीद की सुविधा और गारंटीड रीसेल वैल्यू बहुत जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि इससे बिक्री तीन गुना तक बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और ऐसे में डिज़ाइन, रचनात्मकता और नवाचार ज्वैलरी उद्योग की तरक्की में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे।

जेम्स एंड ज्वैलरी काउंसिल के चेयरमैन आए

जेम्स एंड ज्वैलरी काउंसिल के चेयरमैन, राजेश रोकड़े ने प्रसन्नता व्यक्त कि की उन्हें उत्तर भारत के सबसे प्रतिष्ठित जेम्स एंड ज्वैलरी शो - जेजेएस में आने का अवसर मिला है। गुलाबी शहर जयपुर विशेष रूप से अपने जेम स्टोन्स के लिए विश्वभर में जाना जाता है। शहर में वर्ष के अंतिम माह दिसंबर और वेडिंग सीजन के समय आयोजित होने वाले इस शो जेजेएस का समय उद्योग के लिए अत्यंत अनुकूल है।रोकड़े ने इस बात पर जोर दिया कि देश का जेम्स एंड ज्वैलरी उद्योग अत्यंत विशाल है, जो बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ देश की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।

5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का विजन  

भारत डायमंड बॉर्स के अध्यक्ष, अनूप मेहता ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ, देश में ग्लोबल ज्वेलरी कैपिटल बनने की ज़बरदस्त क्षमता है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का विज़न, जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर को एक अहम भूमिका में रखता है, क्योंकि इसका एक्सपोर्ट, रोज़गार और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।

सिल्वर ज्वैलरी पर भी हॉलमार्किंग की आवश्यकता

नेशनल जेम्स एंड ज्वैलरी काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन, प्रमोद अग्रवाल (डेरेवाला) ने अपने संबोधन में कहा कि जयपुर ज्वैलरी शो किसी भी स्तर पर अन्य अंतरराष्ट्रीय ज्वैलरी शो से कम नहीं है। भारत सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों के चलते जेम्स एंड ज्वैलरी उद्योग निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। अग्रवाल ने एमएसएमई क्षेत्र को सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग, सिल्वर ज्वैलरी के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य किए जाने की आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण कई बिंदुओं पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने उद्योग से घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात पर भी विशेष ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। 

9 देश 8,000 ट्रेडर व 50,000 विजिटर्स

जेजेएस के मानद सचिव राजीव जैन ने बताया कि इस वर्ष जेजेएस में ताइवान, दुबई, नेपाल और उज्बेकिस्तान सहित 9 अन्य देशों के ट्रेड डेलिगेट्स हिस्सा ले रहे हैं। शो के दौरान 8,000 से अधिक ट्रेड विजिटर्स और लगभग 50,000 घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय विजिटर्स शामिल होने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि उद्योग से जुड़ाव मजबूत करने और शो को बढ़ावा देने के लिए कोलकाता और चेन्नई में रोड शोज का भी आयोजन किया गया। सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जेजेएस की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शो ने सक्रिय रूप से कार्बन उत्सर्जन कम करने और अपने संचालन को व्यापक पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। 

इस वर्ष शो में नया डिजाइन लेआउट

 जेजेएस वाईस चेयरमैन, दिनेश खटोरिया ने कहा कि इस वर्ष शो में एग्जीबिटर्स की आवश्यकताओं को देखते हुए आयोजन समिति ने एक नया डिजाइन लेआउट पेश किया है। जिसमें अलग-अलग सेगमेंट के अनुसार आवंटन किया गया है, ताकि एग्जीबिटर्स और आगंतुकों दोनों के लिए अनुभव और अधिक व्यवस्थित और कुशल बनाया जा सके। यह हमारे सभी सहयोगियों, प्रदर्शकों, विजिटर्स, वेंडर्स, जे.जे.एस. ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के समर्पित सदस्यों के अथक परिश्रम और विश्वास की वजह से संभव हुआ है। 


यह भी पढ़ें

jjs- 2025 में ‘पीकॉक रिंग’ बनी आकर्षण का केंद्र

×