"महात्मा-गांधी:-एक-अ...
राजस्थान विधान भवन के पास कांस्टीट्यूशन क्लब की चौथी मंजिल के ऑडिटोरियम में कार्यक्रम
राजस्थान से जुड़े गांधीवाद के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिक्षाविद प्रो. नरेश दाधीच ने लिखी है पुस्तक
जयपुर। राजस्थान से जुड़े गांधीवाद के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिक्षाविद प्रो. नरेश दाधीच की बहु प्रतीक्षित पुस्तक "महात्मा गांधी: एक अत्यंत संक्षिप्त परिचय" का लोकार्पण 20 सितंबर को किया गया
राजस्थान की मरुधरा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांधी दर्शन और गांधी विचारों को अपनी विशिष्ट विद्वत्ता के साथ प्रमुख मंचों पर रखने के लिए प्रोफेसर नरेश दाधीच चर्चा में रहे हैं।
गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के आंदोलन की इस श्रृंखला की कड़ी में प्रोफेसर दाधीच की एक और पुस्तक “महात्मा गांधी एक अत्यंत संक्षिप्त परिचय”( हिंदी एवं अंग्रेज़ी) का विमोचन 20 सितंबर सुबह 11:30 बजे, राजस्थान विधान भवन के पास कांस्टीट्यूशन क्लब की चौथी मंजिल के ऑडिटोरियम में हुआ। इस बहु प्रतीक्षित पुस्तक का लोकार्पण पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, सुप्रसिद्ध पत्रकार नीरजा चौधरी के कर कमलों से हुआ। इस अवसर पर भारी संख्या में गांधीवादी विचारकों शोधकर्ताओं, शिक्षकों, छात्रों और जनसाधारण की उपस्थिति रही।
वर्षों पूर्व एक शोधकर्ता के रूप में गांधी और अस्तित्ववाद का तुलनात्मक अध्ययन, जैसे विषय पर अपनी पी एचडी करने वाले प्रोफेसर नरेश दाधीच, जो कि राजस्थान विश्वविद्यालय के पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंटमें;शिक्षक के रूप में कार्य कर चुके है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांधी से जुड़े विभिन्न आयामों एव विचारों को विद्वत्तापूर्वक प्रभावकारी रूप में रखे जाने के कारण अपनी विशेष पहचान रखते हैं। ब्लॉगर व यूट्यूबर पर एक चर्चित लेखक के रूप में भी इन्हें जाना जाता है, प्रोफेसर दाधीच ने लंबे समय से गांधीवादी विचारों को निरंतर एक जन आंदोलन के रूप में बनाए रखा है।
प्रोफेसर दाधीच अमेरिका की एक प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं , प्रोफेसर दाधीच की 30 पुस्तकें किंडल पर पाठकों का विशेष ध्यान आकर्षित कर रही है। प्रोफेसर दाधीच की, Gandhi and existentialism, महात्मा गांधी का चिन्तन. गांधी कथा, महात्मा गांधी एक परिचय जैसी अनेक पुस्तकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांधी विचारों का प्रभाव छोड़ा है, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा के दो बार कुलपति रहे इस गांधीवादी विद्वान की व्यक्तिगत छवि भी गांधी विचारों से ओतप्रोत देखी जा सकती है।
यह जानकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह शेखावत, अध्यक्ष, बिशन सिंह शेखावत शोध एवं शिक्षण संस्थान जयपुर ने दी है।
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